ओला-उबर को टक्कर देने उतरेगा स्वदेशी मॉडल, जीरो कमीशन और सर्ज-फ्री किराया होगा खासियत
Highlights
- केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे लॉन्च
- ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला कोऑपरेटिव राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म
- ड्राइवरों को मिलेगा सीधे लाभ वितरण
- जीरो कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल
- 2 साल में पूरे देश में विस्तार का लक्ष्य
- दिल्ली-NCR और गुजरात में पायलट ऑपरेशन शुरू
- विदेशी निवेश आधारित ऐप्स का स्वदेशी विकल्प
विस्तार
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुरुवार को ‘भारत टैक्सी’ ऐप का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह देश का पहला सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म होगा, जिसे ड्राइवरों और उपभोक्ताओं—दोनों के हितों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
सहकारिता मॉडल पर आधारित पहल
आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘भारत टैक्सी’ को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह सहकारिता ढांचे पर काम करेगा, जहां लाभ का वितरण सीधे ड्राइवरों तक पहुंचेगा।
जीरो कमीशन, सर्ज-फ्री किराया
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका जीरो कमीशन मॉडल है। यानी ड्राइवरों से किसी तरह का प्लेटफॉर्म कमीशन नहीं लिया जाएगा। साथ ही इसमें सर्ज-फ्री प्राइसिंग लागू होगी, जिससे पीक आवर में भी यात्रियों को अत्यधिक किराया नहीं देना पड़ेगा।
विदेशी प्लेटफॉर्म्स को टक्कर
‘भारत टैक्सी’ को विदेशी निवेश आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स के स्वदेशी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह सीधे तौर पर ओला, उबर और रैपिडो जैसे स्थापित खिलाड़ियों को चुनौती देगा।
पायलट प्रोजेक्ट शुरू
इस प्लेटफॉर्म को आठ प्रमुख सहकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
2 दिसंबर से दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में इसका पायलट संचालन शुरू किया जा चुका है, जिसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही जा रही है।
2 साल में देशव्यापी विस्तार का लक्ष्य
सरकार और सहकारी संगठनों का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों के भीतर ‘भारत टैक्सी’ सेवा को देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों तक विस्तारित किया जाए।
