Friday, February 6, 2026
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पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं मिताली रश्मि, जनसेवा को बनाया राजनीति का आधार

कॉरपोरेट करियर छोड़ घर लौटीं मिताली रश्मि, वार्ड 22 शिवपुरी से पार्षद पद की उम्मीदवार

Highlights

  • हजारीबाग नगर निगम चुनाव में पहली बार किस्मत आज़मा रहीं मिताली रश्मि
  • नोएडा में प्रतिष्ठित कंपनियों में शीर्ष जिम्मेदारियाँ निभाने का अनुभव
  • कोविड काल में ज़मीनी स्तर पर जनसेवा से बनीं लोगों की उम्मीद
  • MBA डिग्री के साथ पढ़ी-लिखी और दूरदर्शी प्रत्याशी
  • राजनीति नहीं, सेवा को मानती हैं अपना असली उद्देश्य
  • जीत के बाद पारदर्शी, जवाबदेह और ज़मीनी विकास का संकल्प

विस्तार 

हजारीबाग (शिवपुरी)। नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 22, शिवपुरी में इस बार एक नया नाम चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वार्ड पार्षद पद की प्रत्याशी मिताली रश्मि पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। यह चुनाव उनके लिए सिर्फ सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि वर्षों से की जा रही जनसेवा को औपचारिक रूप देने का माध्यम है।

कॉरपोरेट दुनिया से जनसेवा तक का सफर

मिताली रश्मि ने नोएडा में रहते हुए कई प्रतिष्ठित और नामी कंपनियों की बागडोर संभाली। एक सफल कॉरपोरेट करियर के बावजूद उन्होंने अपने शहर, अपने वार्ड और अपने लोगों के लिए घर लौटने का निर्णय लिया। उनका यह कदम न सिर्फ साहसिक है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल भी है।

कोविड काल में बनीं जनता की सहारा

कोविड महामारी के दौरान, जब पूरा समाज भय और असहायता से जूझ रहा था, उस समय मिताली रश्मि बिना किसी प्रचार और राजनीतिक पहचान के लोगों के बीच खड़ी नजर आईं।
उन्होंने-

  • जरूरतमंदों को अस्पताल में भर्ती करवाने में मदद की
  • स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक किया
  • मेडिकल किट, दवाइयाँ और आवश्यक संसाधन जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाए

इसी कारण आज वार्ड 22 की जनता उन्हें सिर्फ प्रत्याशी नहीं, बल्कि संकट के समय साथ निभाने वाली सहयोगी के रूप में देखती है।

शिक्षा और समझ-नेतृत्व की मजबूत नींव

मिताली रश्मि ने MBA (Human Resource Management) की पढ़ाई की है। यह शिक्षा उन्हें प्रशासनिक समझ, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और समस्याओं के योजनाबद्ध समाधान की क्षमता देती है। लोगों का मानना है कि पढ़ी-लिखी और अनुभवी प्रत्याशी के रूप में वे वार्ड के विकास को नई दिशा दे सकती हैं।

पहली बार चुनाव, लेकिन सोच बिल्कुल साफ

मिताली रश्मि साफ शब्दों में कहती हैं “मैं राजनीति करने नहीं, जनसेवा करने आई हूँ। क्योंकि जनसेवा ही सच्ची नारायण सेवा है।” 

उनका कहना है कि वे किसी आरक्षण या मजबूरी के कारण नहीं, बल्कि सेवा की स्पष्ट सोच और ईमानदार नीयत के साथ मैदान में उतरी हैं।

जीत के बाद क्या होंगी प्राथमिकताएँ?

अगर जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, तो मिताली रश्मि का संकल्प है कि वार्ड का विकास सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देगा।

प्राथमिक कार्ययोजना में शामिल हैं—

  • स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत और स्थायी बनाना
  • नाली, सड़क और स्ट्रीट लाइट की बेहतर व्यवस्था
  • गरीब, बुजुर्ग और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ना
  • शिक्षा और बच्चों के भविष्य पर विशेष ध्यान
  • मेडिकल सुविधाओं तक समय पर और आसान पहुँच सुनिश्चित करना

जनता का भरोसा ही असली ताकत

मिताली रश्मि मानती हैं “जनता का भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। लोग मुझे मेरे काम से पहचानेंगे, न कि अफवाहों से।” यही भरोसा आज उन्हें वार्ड 22 में एक स्वच्छ छवि वाली, भरोसेमंद और उम्मीद जगाने वाली प्रत्याशी के रूप में स्थापित कर रहा है।

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