रोज़गार, औद्योगिकीकरण, महंगाई और GST बकाया पर चुप्पी, संघीय ढांचे की अवहेलना का आरोप
Highlights
- बजट को बताया गया “कॉरिडोर बजट”
- रोज़गार और औद्योगिकीकरण पर कोई ठोस प्रावधान नहीं
- पूर्वी राज्यों—झारखंड, बिहार, बंगाल, ओडिशा की अनदेखी का आरोप
- AIIMS की स्थिति पर सवाल, ज़मीनी हकीकत से कटे प्रस्ताव
- GST रिफंड और संघीय ढांचे के उल्लंघन का मुद्दा उठाया
- टैक्स चोरों को राहत, आम जनता को नहीं: आरोप
विस्तार
रांची। राष्ट्रीय सचिव सह बंगाल प्रभारी और बड़कागांव की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस बजट को “कॉरिडोर बजट” करार देते हुए कहा कि पूरे बजट में केवल कॉरिडोर और इन्फ्रास्ट्रक्चर की बातें हैं, जबकि आम आदमी के रोज़गार और औद्योगिकीकरण को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट में तीन नए AIIMS खोलने का प्रस्ताव तो है, लेकिन दिल्ली को छोड़कर देश के अधिकांश AIIMS की हालत आज भी किसी सदर अस्पताल जैसी है। ऐसे में नए संस्थानों की घोषणा सिर्फ कागजी साबित होगी।
साड़ी से राज्य तय होने का आरोप
अम्बा प्रसाद ने वित्त मंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस राज्य की साड़ी पहनकर बजट पेश किया जाता है, उसी राज्य को बजट में प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने कहा कि अब तक 8 अलग-अलग प्रांतों की साड़ियाँ पहनकर 8 बजट पेश किए गए और हर बार वही राज्य लाभान्वित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार के बजट में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों के लिए कुछ भी लाभकारी नहीं है।
महंगाई, टैक्स और रुपये की गिरती कीमत
पूर्व विधायक ने कहा कि-
- आम जनता के रोज़मर्रा के सामान पर कोई राहत नहीं दी गई
- इनडायरेक्ट टैक्स और GST में कोई छूट नहीं
- टैक्स चोरों की सज़ा माफ कर उसे सिर्फ जुर्माने में बदला गया
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक बाजार में रुपये की कीमत गिरकर 1 डॉलर = 91 रुपये तक पहुंच गई है, लेकिन बजट में महंगाई और रुपये की गिरती वैल्यू को रोकने के लिए बैंकिंग, आर्थिक और औद्योगिक सेक्टर में कोई ठोस उपाय नहीं किए गए।
RBI और बैंकिंग सेक्टर पर सवाल
अम्बा प्रसाद ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर पर ऑब्ज़र्वर नियुक्त कर दिए गए हैं, लेकिन RBI की सिक्योरिटीज़ के उपयोग और खर्च पर नियंत्रण को लेकर बजट में कोई स्पष्ट प्रस्ताव नहीं है, जिससे मॉनेटरी इन्फ्लेशन कम हो सके।
GST बकाया और संघीय ढांचा
उन्होंने कहा कि यदि इस बजट की तुलना CAG की वार्षिक रिपोर्ट से की जाए, तो दोनों में बड़ा विरोधाभास नजर आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि-
- झारखंड का करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये GST रिफंड के रूप में बकाया है
- बजट में इस बकाया राशि का कोई उल्लेख नहीं
- राज्यों को देय GST राशि पर चुप्पी संघीय ढांचे का उल्लंघन है
उन्होंने कहा कि राज्यों का बजट केंद्र पर निर्भर करता है, लेकिन केंद्र सरकार को केवल भाजपा शासित राज्य ही नजर आते हैं, गैर-भाजपा शासित नहीं।
अम्बा प्रसाद का बयान
अम्बा प्रसाद ने कहा कि यह बजट फेडरल स्ट्रक्चर की भावना के खिलाफ है और आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता।
