लिथियम-आयन बैटरी, सोलर ग्लास से लेकर LRS-TCS तक बड़े ऐलान, कृषि और आत्मनिर्भरता पर जोर
Highlights
- रक्षा क्षेत्र के लिए एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी छूट
- लिथियम-आयन बैटरी और एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा
- सोलर ग्लास के कच्चे माल पर ड्यूटी फ्री इंपोर्ट
- शिक्षा और मेडिकल खर्च पर TCS घटाकर 2%
- GDP के मुकाबले कर्ज 55.6% रहने का अनुमान
- नारियल, काजू और कोको उत्पादन के लिए विशेष योजना
विस्तार
रक्षा क्षेत्र को बड़ी राहत
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरऑल (MRO) के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट पार्ट्स के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम होगा।
बैटरी और सोलर सेक्टर को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि-
- लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर पहले से दी जा रही कस्टम ड्यूटी छूट को
- अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए लिथियम-आयन सेल निर्माण तक बढ़ाया जाएगा।
इसके साथ ही सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है।
शिक्षा और इलाज पर राहत
मध्यम वर्ग को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए लगने वाली TCS दर को 5% से घटाकर 2% किया जाएगा। इस फैसले से विदेश में पढ़ाई और इलाज कराने वाले परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
कर्ज और अर्थव्यवस्था की स्थिति
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026–27 में GDP के मुकाबले कर्ज का अनुपात 55.6% रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति दे रही है।
नारियल, काजू और कोको के लिए विशेष योजना
कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने—
- नारियल संवर्धन योजना शुरू करने का प्रस्ताव दिया है
- मुख्य नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और बेकार पेड़ों की जगह नई किस्में लगाई जाएंगी
- भारतीय काजू और कोको के लिए विशेष कार्यक्रम लाया जाएगा
इसका उद्देश्य-
- कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता
- प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाना
- निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूत करना
- 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाना है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के ये प्रावधान— रक्षा, ऊर्जा, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
