लोहसिंघना थाना क्षेत्र में तीन दिन के बच्चे के गायब होने का मामला, पुलिस की तेज कार्रवाई से सामने आई सच्चाई
Highlights
- हजारीबाग में नवजात बच्चे के अपहरण की सूचना से मचा हड़कंप
- 3 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद किया
- लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास से गायब होने की सूचना
- चौपारण थाना क्षेत्र से नवजात की बरामदगी
- जांच में सामने आई झूठी चोरी की कहानी
- आर्थिक तंगी के कारण मां ने सौंपा था बच्चा
- पुलिस ने नवजात को मां को सौंपा

विस्तार
अपहरण की सूचना से मचा हड़कंप
हजारीबाग। हजारीबाग जिले के लोहसिंघना थाना क्षेत्र में 26 जनवरी 2026 को नवजात बच्चे के चोरी होने की खबर से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मामला बेहद संवेदनशील था, लेकिन हजारीबाग पुलिस की तेज कार्रवाई से महज तीन घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और घटना की सच्चाई सामने आ गई।
लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास मिली सूचना
पुलिस को 26 जनवरी की शाम करीब 4:30 बजे सूचना मिली कि लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास से एक महिला का तीन दिन का नवजात बच्चा गायब हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों ने तुरंत विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया और खोज अभियान शुरू किया।
तकनीकी और मानवीय सूचनाओं से सफलता
SIT ने तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूत्रों की मदद से तेजी से जांच शुरू की। लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने चौपारण थाना क्षेत्र के ग्राम करमा से नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे की मां बेबी देवी के पहले से पांच बच्चे हैं। छठे बच्चे का जन्म 24 जनवरी 2026 को सदर अस्पताल में हुआ था। आर्थिक तंगी और पति के मुंबई में मजदूरी करने के कारण परिवार नवजात के पालन-पोषण में खुद को असमर्थ महसूस कर रहा था। इसी कारण पति की सहमति से बेबी देवी ने अपने नवजात बच्चे को अपनी सहेली की मौसेरी बहन मालती देवी को सौंप दिया था।
समाज के डर से रची गई चोरी की कहानी
बाद में समाज और परिजनों के डर से बच्चे की मां ने चोरी की झूठी कहानी गढ़ दी।
परिजनों ने इस बात को सच मानकर पुलिस को सूचना दे दी, जिससे मामला अपहरण जैसा प्रतीत हुआ।
नवजात को मां को सौंपा गया
सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने नवजात शिशु को परिजनों की मौजूदगी में उसकी मां को सौंप दिया।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में न लें और किसी भी समस्या में प्रशासन से संपर्क करें।
पुलिस की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी
हजारीबाग पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक गंभीर मामला समय रहते सुलझ गया और नवजात बच्चा सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आया।
