77वें गणतंत्र दिवस पर देश में उत्साह का माहौल, राजधानी दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और ऐतिहासिक परेड
Highlights
- देश ने मनाया 77वां गणतंत्र दिवस
- पीएम मोदी ने लोकतंत्र और संविधान का दिया संदेश
- दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
- AI तकनीक और फेस रिकग्निशन सिस्टम से सुरक्षा
- कर्तव्य पथ पर भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम
- यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष मुख्य अतिथि
- सेना की आधुनिक ताकत का प्रदर्शन

विस्तार
पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस संदेश
देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने लिखा
“गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।” प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से भी स्वतंत्रता और एकता के महत्व को रेखांकित किया।
दिल्ली में हाई सिक्योरिटी अलर्ट
गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली इलाके में करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने—
- 3000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए
- फेस रिकग्निशन सिस्टम और वीडियो एनालिटिक्स तकनीक का इस्तेमाल
- AI आधारित स्मार्ट चश्मों से लैस पुलिसकर्मी
- 30 से अधिक कंट्रोल रूम से 24×7 निगरानी
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश कुमार महाला के अनुसार, AI तकनीक से अपराधियों और संदिग्धों की पहचान रियल टाइम में की जा सकेगी।
कर्तव्य पथ पर भव्य परेड
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की भव्य परेड आयोजित की जा रही है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम — “वंदे मातर-म् के 150 वर्ष” रखी गई है।
इस मौके पर
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां
- केंद्रीय मंत्रालयों की झलक
- भारतीय सेना की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविधता
इस वर्ष यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं।
सेना की ताकत का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड में देश की आधुनिक सैन्य क्षमता की झलक दिखाई दे रही है—
- ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल सिस्टम
- सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर
- अर्जुन युद्धक टैंक
- भैरव लाइट कमांडो बटालियन
- शक्तिबन रेजिमेंट
- ज़ांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट
- 61 कैवेलरी के घुड़सवार दस्ते
पहली बार सेना की युद्ध संरचना को नए अंदाज में कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत किया गया है, जो भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है।
