शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में शुरुआती जांच में गंभीर चूक, SSP ने की कड़ी कार्रवाई
Highlights
- पटना में NEET छात्रा की रहस्यमयी मौत मामले में बड़ा खुलासा
- दो पुलिसकर्मी निलंबित, SSP का सख्त एक्शन
- थानेदार रौशनी कुमारी और दारोगा हेमंत झा सस्पेंड
- शुरुआती जांच में भारी लापरवाही सामने आई
- फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि
- SIT जांच जारी, DNA टेस्ट से खुल सकता है सच
विस्तार
पटना- पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. पटना SSP कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, चित्रगुप्त नगर की थानेदार रौशनी कुमारी और कदमकुआं के दारोगा हेमंत झा पर लापरवाही का आरोप लगाया गया, जिसके बाद बड़ा एक्शन लेते हुए दोनों को सस्पेंड कर दिया गया।
शुरुआत में ही नहीं मिली सही जानकारी
अधिकारियों ने यह माना कि थानेदार रौशनी कुमारी और दारोगा हेमंत झा ने सूचना मिलने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की. इस पूरे मामले को इग्नोर किया गया. जिस दिन घटना हुई, उसके तीन दिन बाद तक न हॉस्टल सील हुआ, न कमरा, न बिस्तर और न ही कपड़े. तीन दिन के बाद मामले में कार्रवाई शुरू की गई और फिर वरीय अधिकारियों को मिस लीड किया गया. शुरुआत में ही सही जानकारी नहीं मिलने की वजह से जांच में काफी परेशानी हुई.
शनिवार को मामले में दो बड़े खुलासे हुए थे. पहला तो फॉरेंसिक टीम ने एसआईटी को जांच रिपोर्ट सौंपी. इस रिपोर्ट में यह बताया गया कि छात्रा के कपड़े से स्पर्म मिले. यह रिपोर्ट आने के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथ-साथ एसआईटी की तरफ से चिह्नित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों (Suspicious Person) के डीएनए से भी मिलान किया जाएगा.
दूसरा खुलासा पटना एम्स के डॉक्टर विनय कुमार ने किया था. फॉरेंसिक साइंन्स डिपार्टमेंट के HOD डॉ. विनय कुमार ने बताया था कि छात्रा की मौत मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई. यह टीम एक सप्ताह पहले ही बनाई गई थी. लेकिन एसआईटी की तरफ से अधूरे डॉक्यूमेंट्स दिए गए हैं, जिसके कारण जांच में देरी हो रही है. मामले में लगातार जांच चल रही है, आरोपियों तक पुलिस कब तक पहुंच पाती है, यह देखने वाली बात होगी.

