Monday, January 19, 2026
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रांची पुलिस का बड़ा खुलासा: बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़, 12 अपहृत बच्चे रेस्क्यू, 13 आरोपी गिरफ्तार

अंश–अंशिका अपहरण कांड की जांच में खुला राज्यव्यापी नेटवर्क, भीख मंगवाने से लेकर देह व्यापार और अंग तस्करी तक के संकेत

Highlights

  • रांची पुलिस ने राज्यभर में सक्रिय बच्चा चोर गिरोह का किया खुलासा
  • बोकारो, धनबाद, चाईबासा और रांची से चोरी किए गए 12 बच्चे सकुशल रेस्क्यू
  • गिरोह के 13 सदस्य गिरफ्तार, इनमें महिलाएं भी शामिल
  • दो दर्जन से अधिक संदिग्ध हिरासत में, गहन पूछताछ जारी
  • बच्चों से भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और देह व्यापार कराने के संकेत
  • मानव अंग तस्करी एंगल पर भी पुलिस की जांच तेज
  • अंश–अंशिका कांड के बाद चले विशेष अभियान का बड़ा परिणाम

विस्तार

रांची- धुर्वा से मासूम अंश और अंशिका के अपहरण कांड के बाद चलाए गए विशेष अभियान के तहत रांची पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रांची समेत पूरे झारखंड में सक्रिय एक संगठित बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 12 अपहृत बच्चों को रेस्क्यू किया है। ये बच्चे बोकारो, धनबाद, चाईबासा और रांची से चोरी किए गए थे।

इस कार्रवाई में पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा, दो दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था और बड़े पैमाने पर बच्चों की तस्करी कर रहा था।

अंश–अंशिका कांड से खुला पूरा नेटवर्क

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धुर्वा से अंश और अंशिका के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने राज्यभर में व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया था। इसी दौरान कई जिलों और संभावित ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए चल रहे नेक्सस का भंडाफोड़ हुआ। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे गिरोह की परतें खुलती चली गईं।

कैसे होता था बच्चों का शोषण

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक—

  • चोरी किए गए बच्चों से भीख मंगवाई जाती थी
  • कई बच्चों को पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लगाया जाता था
  • बच्चियों से देह व्यापार कराए जाने के भी गंभीर संकेत मिले हैं

इसके साथ ही, पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क मानव अंग तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। इस एंगल पर विशेष जांच चल रही है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं।

SIT ने किया ऑपरेशन लीड

इस पूरे ऑपरेशन को ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में गठित SIT (विशेष जांच टीम) ने अंजाम दिया। टीम में सिटी एसपी, ट्रैफिक एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और इस तरह के संगठित अपराधों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का संदेश

रांची पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि या बच्चों से जुड़ा कोई संदेहास्पद मामला दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का दावा है कि बच्चों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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