Friday, February 13, 2026
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राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची में रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय का किया उद्घाटन, कहा-झारखंड के लिए दूरदर्शी निर्णय

रक्षा भूमि प्रबंधन होगा अधिक सुदृढ़ और समयबद्ध, सैनिकों के पराक्रम और नेशन फर्स्टभावना को बताया प्रेरणास्रोत

 Highlights

  • रांची में रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन
  • पहले दानापुर (बिहार) से संचालित होता था झारखंड का रक्षा भूमि प्रबंधन
  • स्थानीय स्तर पर अब तेज, सरल और प्रभावी समाधान संभव
  • राज्यपाल ने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और बलिदान की सराहना की
  • ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा—यह नया भारत है
  • रक्षा मंत्रालय और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को बधाई

विस्तृत

रांची माननीय राज्यपाल  संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को रांची में रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय के नवीन कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रांची में इस उप-कार्यालय की स्थापना झारखंड राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण, दूरदर्शी और ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे राज्य में रक्षा भूमि प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं समयबद्ध बनाया जा सकेगा।

राज्यपाल ने कहा कि अब तक झारखंड राज्य के सभी जिलों और सैन्य स्टेशनों से जुड़ी रक्षा भूमि का प्रबंधन बिहार के दानापुर से किया जा रहा था। व्यापक क्षेत्राधिकार और भौगोलिक दूरी के कारण कई बार मामलों के निपटारे में विलंब होता था। रांची में उप-कार्यालय की स्थापना से अब स्थानीय स्तर पर रक्षा भूमि से जुड़े मामलों का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा। इससे राज्य प्रशासन और रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

 भारतीय सैनिकों के शौर्य को किया नमन

राज्यपाल श्री गंगवार ने भारतीय सैनिकों के पराक्रम, साहस और अनुशासन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि हमारे सैनिक न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि आपदा के समय भी समर्पण भाव से सेवा में जुट जाते हैं। उन्होंने कहा-“जब हम चैन की नींद सोते हैं, तब हमारे सैनिक सीमाओं पर जागते रहते हैं।”

उन्होंने कहा कि सैनिकों का जीवन नेशन फर्स्ट की भावना का जीवंत उदाहरण है, जो अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में भी राष्ट्र रक्षा में तत्पर रहते हैं।

 शांति के साथ शक्ति का संदेश

राज्यपाल ने कहा कि भारत सदैव शांति और मानवता का पक्षधर रहा है। हम बिना कारण किसी के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते, लेकिन शास्त्र और शस्त्र दोनों की मर्यादा निभाना जानते हैं। उन्होंने विगत वर्ष हुए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह नया भारत है—जो शांति चाहता है, लेकिन मानवता पर हमला होने पर दुश्मन को करारा जवाब देना भी जानता है

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से देश की सैन्य शक्ति लगातार मजबूत हो रही है।

 रक्षा मंत्रालय को बधाई

राज्यपाल ने रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ एवं रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यालय राष्ट्र सेवा और सैनिक कल्याण की भावना को और अधिक सशक्त करेगा।

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