Friday, February 13, 2026
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अबुआ दिशोम बजट 2026–27 पर मंथन पूरा, झारखंड मंत्रालय में दो दिवसीय गोष्ठी संपन्न

800 से अधिक सुझाव मिले, जीएसटी सुधार से लेकर खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर पर खास फोकस

 Highlights

  • ·रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में 15–16 जनवरी को हुई बजट पूर्व गोष्ठी
  • “अबुआ दिशोम बजट 2026–27” को व्यावहारिक और जनहितकारी बनाने पर जोर
  • अबुआ दिशोम ऐप के जरिए 800+ सुझाव प्राप्त
  • जीएसटी, फूड सिक्योरिटी, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर पर 29 प्रमुख सुझाव
  • अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और विभागीय अधिकारी रहे मौजूद

 विस्तार

 दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी का आयोजन

राजधानी रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में 15 और 16 जनवरी को अबुआ दिशोम बजट 2026–27 को लेकर दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य आगामी बजट को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और जन-केंद्रित बनाना था।

गोष्ठी में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विशेषज्ञ, हितधारक और नीति निर्धारक शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।

800 से अधिक सुझाव, डिजिटल सहभागिता

सरकार की ओर से जारी अबुआ दिशोम ऐप के माध्यम से अब तक 800 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आम जनता को बजट निर्माण प्रक्रिया से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना।

बजट पूर्व गोष्ठी में आए 29 प्रमुख सुझाव

गोष्ठी के दौरान सामने आए प्रमुख सुझावों में शामिल हैं —

  •  जीएसटी और टैक्स सुधार
  • जीएसटी में क्वार्टरली पेमेंट मैकेनिज्म तैयार किया जाए
  • असंगठित रूप से काम करने वाले ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी दायरे में लाया जाए
  • व्यावसायिक वाहनों के टैक्स और जुर्माने में व्याप्त विसंगतियां दूर हों
  • टैक्स प्रणाली में जुर्माना माफी योजना लाई जाए

खाद्य और पोषण सुरक्षा पर विशेष जोर

  • 5 किलो की जगह 7 किलो खाद्यान्न देने का बजटीय प्रावधान
  • पीडीएस में दाल के साथ मिलेट्स को भी शामिल किया जाए
  • ग्रीन कार्ड का कवरेज बढ़ाने का सुझाव

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सुझाव

  • सहिया कर्मियों को शिक्षा, सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा
  • क्लाइमेट एंड हेल्थ डिवीजन का गठन
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में रिसर्च और CSR को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए
  • हेल्थ वर्करों की कमी दूर करने के लिए विशेष योजना

आधारभूत संरचना और वित्तीय प्रबंधन

  • इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में व्याप्त असमानता को कम किया जाए
  • अनाज संग्रहण क्षमता बढ़ाने पर जोर
  • बजटीय व्यय की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन
  • उपकरण, प्रोक्योरमेंट और प्रशिक्षण के लिए अलग डिवीजन
  • राजस्व अधिशेष को धीरे-धीरे शून्य स्तर तक लाने की नीति

निष्कर्ष

अबुआ दिशोम बजट 2026–27 को लेकर आयोजित यह गोष्ठी राज्य सरकार की समावेशी, पारदर्शी और सहभागी बजट प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों और आम नागरिकों से मिले सुझावों को आगामी बजट में शामिल किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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