पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रांची द्वारा आयोजित एक दिवसीय वार्तालाप कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ वक्ता और ग्रामीण पत्रकारों ने भाग लिया- विकसित भारत मिशन, श्रम संहिताओं और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों पर हुई गहन चर्चा।
Highlights:
- PIB रांची द्वारा हजारीबाग में एक दिवसीय “वार्तालाप” कार्यक्रम आयोजित
- केंद्र सरकार की योजनाओं पर मीडिया के साथ संवाद स्थापित करने का उद्देश्य
- VB GRAM G 2025, नए श्रम संहिता 2025 और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर मुख्य चर्चा
- मुख्य अतिथि: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) C.B. शर्मा
- विशिष्ट अतिथि: टी.वी.के. रेड्डी, महानिदेशक, PIB & CBC पूर्वी भारत
- कई प्रमुख विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सुरक्षा बल अधिकारी ने रखे विचार
- ग्रामीण पत्रकारों की भूमिका को बताया अहम
- प्रश्नोत्तर सत्र में पत्रकारों की जिज्ञासाओं का समाधान
- प्रतिभागी पत्रकारों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर कार्यक्रम का समापन
हजारीबाग, झारखंड: भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रांची द्वारा 9 जनवरी 2026 को हजारीबाग स्थित होटल केनरी इन में जिले के पत्रकारों के साथ एक दिवसीय “वार्तालाप कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य — केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों, विकास कार्यक्रमों और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर मीडिया के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना था।
मुख्य विषय रहे फोकस में
कार्यक्रम में तीन प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई:
- विकसित भारत रोजगार आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) – VB GRAM G 2025
- चार नए श्रम संहिता 2025
- वंदे मातरम् के 150 वर्ष – इसका ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
PIB रांची के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा
उन्होंने कहा कि “सरकार और मीडिया के बीच विश्वास एवं सहयोग की कड़ी को मजबूत करने के लिए ऐसे संवाद कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं।”
उन्होंने ग्रामीण पत्रकारिता को “जन-जन तक योजनाओं की सही जानकारी” पहुँचाने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
मुख्य अतिथि – प्रो. (डॉ.) C.B. शर्मा, कुलपति, VBU
उन्होंने कहा —
“विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नीतिगत बदलाव और ग्रामीण विकास सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। VB GRAM G इसी परिवर्तन की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।”
उनके अनुसार, मिशन के माध्यम से श्रम आधारित व्यवस्था से तकनीक आधारित व्यवस्था की ओर संक्रमण हो रहा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा और पलायन कम करेगा।
विशिष्ट अतिथि – टी.वी.के. रेड्डी, महानिदेशक, PIB & CBC
उन्होंने ग्रामीण पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा —
“ग्रामीण मीडिया देश के विकास नैरेटिव का मेरुदंड है। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता आवश्यक है।”
उन्होंने VB GRAM G को “आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में निर्णायक कदम” बताया।
विशेषज्ञ वक्ताओं के विचार
डॉ. मृत्युंजय मयंक (NUSRL, रांची)
- चारों नए श्रम संहिताओं के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया
- बताया कि नए कानूनों से असंगठित मजदूरों को मिलेगी अधिक सामाजिक सुरक्षा
शंभू नाथ चौधरी (राज्य प्रमुख, IANS)
उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर कहा—
“यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा रहा है और आज भी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।”
दिवाकर कुमार, प्रमुख, दूरदर्शन समाचार, रांची
- VB GRAM G के ग्रामीण विकास पर प्रभाव को समझाया
- जल संरक्षण, सतत विकास और ग्रामीण रोजगार के महत्व पर प्रकाश डाला
BSF मेरु कैंप के कमांडेंट श्री सुरेंद्र सिंह मलिक
उन्होंने BSF की गतिविधियों, सुरक्षा और समाज के प्रति योगदान को साझा किया।
प्रश्नोत्तर, चर्चा और सम्मान समारोह
कार्यक्रम का संचालन राजेश सिन्हा गौरव पुष्कर ने संयुक्त रूप से किया।
अंत में पत्रकारों के प्रश्नों का समाधान किया गया और सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।समापन वक्तव्य गौरव पुष्कर द्वारा दिया गया, जिन्होंने PPT प्रस्तुति के माध्यम से सभी विषयों का सार प्रस्तुत किया।
निष्कर्ष
हजारीबाग में आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम मीडिया और शासन के बीच सहयोग, पारदर्शिता और सकारात्मक संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय पहल साबित हुआ।इस कार्यक्रम ने ग्रामीण पत्रकारिता की भूमिका और विकसित भारत 2047 के संकल्प की दिशा में मीडिया की सहभागिता को नई दिशा दी।
