Highlights:
- धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाले में ACB की ताबड़तोड़ छापेमारी
- धनबाद, रांची और देवघर में कार्रवाई
- भू-राजस्व विभाग के अधिकारी और बिचौलिए गिरफ्तार
- अनुमानित घोटाला: 300 करोड़ रुपये
- अब तक 6 से अधिक लोगों की मौत, न्याय की प्रतीक्षा में
विस्तार
झारखंड के धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए रैयतों की जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह 16 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में भू-राजस्व विभाग के अधिकारी, बिचौलिए और पूर्व में बर्खास्त डीएलओ उदयकांत पाठक, सीओ विशाल कुमार, तत्कालीन सीआई नीलम सिन्हा, कुमारी रत्नाकर सहित कुल 16 से अधिक लोग शामिल हैं। सभी आरोपियों का मेडिकल कराया गया है।
घोटाले का इतिहास
यह मामला वर्ष 2016 में भाजपा नेता रमेश राही की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इस मामले में कुल 34 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि मुआवजा भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और हेराफेरी की गई।
इस घोटाले में अनुमानित 300 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। प्रारंभिक जांच में कई अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई थी। इस दौरान तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
कानूनी कार्रवाई
पूर्व भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक के खिलाफ धनबाद थाना में कांड संख्या 398/2015 और 657/2015 दर्ज है। उन्हें भादवि की धारा 409, 420, 468, 471 और 120-बी के तहत आरोपी बनाया गया था और जेल भेजा गया था।
न्याय की प्रतीक्षा में मौतें
इस मामले में न्याय की प्रतीक्षा में अब तक 6 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ACB की ताजा कार्रवाई को इस घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। ACB की इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और लंबे समय से लंबित इस मुआवजा विवाद में न्याय मिलने की राह साफ होगी।
