Highlights:
- जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक 9 जनवरी 2026 को लेंगे शपथ
- 28 नवंबर 2026 तक रहेगा मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल
- राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
- मुंबई हाईकोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश रह चुके हैं जस्टिस सोनक
- सिविल, संवैधानिक, श्रम, पर्यावरण व कर कानून में लंबा अनुभव
विस्तार
रांची : झारखंड हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक 9 जनवरी 2026 को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल 28 नवंबर 2026 तक रहेगा।
मुंबई उच्च न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस सोनक की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। उनकी नियुक्ति से झारखंड हाईकोर्ट को एक अनुभवी और सशक्त नेतृत्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कानूनी करियर रहा बेहद समृद्ध
जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक अक्टूबर 1988 में महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए थे। इसके बाद उन्होंने बांबे हाईकोर्ट की पणजी पीठ में सिविल एवं संवैधानिक कानून, श्रम व सेवा कानून, पर्यावरण कानून, वाणिज्यिक व कर कानून, कंपनी कानून और जनहित याचिकाओं के क्षेत्र में व्यापक प्रैक्टिस की।
अपने विधिक करियर के दौरान वे केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता, राज्य सरकार के लिए विशेष अधिवक्ता और विभिन्न निगमों को कानूनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। उनकी गहरी कानूनी समझ और अनुभव को देखते हुए 21 जून 2013 को उन्हें बांबे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
जस्टिस सोनक का जन्म 28 नवंबर 1964 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोवा के पणजी स्थित डॉन बॉस्को हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद धेम्पे कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से बीएससी की पढ़ाई की।
उन्होंने एमएस कॉलेज ऑफ लॉ, पणजी से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने जेवियर सेंटर ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च से पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी किया है।
जस्टिस सोनक की नियुक्ति को न्यायिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे झारखंड हाईकोर्ट के कामकाज को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।
