Thursday, January 8, 2026
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सड़क चौड़ीकरण के विरोध में दुकानदारों का अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासन ने कराई दुकानों की दोबारा मापी

फोर लेन सड़क निर्माण को लेकर नगर निगम के फैसले से नाराज़ दुकानदार, जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

Highlights:

  • सड़क चौड़ीकरण के विरोध में 45 दुकानदार अनिश्चितकालीन धरने पर
  • नगर निगम पर बिना जांच दुकानों को हटाने का आरोप
  • एसडीओ और नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा मापी
  • दुकानदारों ने पहले ही उपायुक्त को सौंपा है ज्ञापन
  • प्रशासन ने निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा

विस्तार

सड़क चौड़ीकरण को लेकर बढ़ा विवाद

गिरिडीह : नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण और फोर लेन सड़क निर्माण योजना के तहत 45 दुकानों को हटाए जाने के निर्णय के खिलाफ दुकानदारों का विरोध लगातार जारी है। प्रभावित दुकानदार पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं और नगर निगम के फैसले को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं।

रोज़गार पर संकट का आरोप

धरनारत दुकानदारों का कहना है कि बिना समुचित जांच, पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को तोड़ना उनके रोज़गार पर सीधा हमला है। दुकानदारों के अनुसार, वर्षों से वे उसी स्थान पर कारोबार कर रहे हैं, जहां उन्हें नगर निगम द्वारा दुकानें आवंटित की गई थीं।

अचानक मौके पर पहुंचे अधिकारी

इसी क्रम में आज अचानक अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत बिस्पुते, उपनगर आयुक्त प्रशांत लायक और नगर निगम के कई कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में एक बार फिर दुकानों की दोबारा मापी कराई गई।

मापी के दौरान रही शांतिपूर्ण स्थिति

अचानक हुई मापी से कुछ समय के लिए धरनारत दुकानदारों में हलचल जरूर मची, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। दुकानदारों ने प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की मांग की।

दुकानदारों का दावा – अतिक्रमण का आरोप गलत

दुकानदारों का कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर वे पहले ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंप चुके हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। उनका दावा है कि उनकी दुकानें आज भी उसी निर्धारित दायरे में स्थित हैं, जिस सीमा में उन्हें आवंटित की गई थीं। ऐसे में अतिक्रमण का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।

प्रशासन का बयान

इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत बिस्पुते ने बताया कि प्रशासन की ओर से दुकानों की मापी कराई गई है और पूरी जांच रिपोर्ट जल्द ही वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

गौरतलब है कि उक्त क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और फोर लेन सड़क निर्माण की योजना के तहत नगर निगम द्वारा दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी फैसले को लेकर दुकानदारों में भारी नाराजगी है। अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर दुकानदारों सहित आम जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।

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