Highlights :
- चतरा सदर अस्पताल में झारखंड का पहला MNCU (Mother and Newborn Care Unit) शुरू
- समय से पहले और कम वजन वाले नवजातों को मिलेगा माँ की गोद में इलाज
- ज़ीरो सेपरेशन नीति पर आधारित अत्याधुनिक यूनिट
- 11 विशेष बेड, i-KMC मॉडल से होगा उपचार
- अब रांची या बड़े शहरों में रेफर की मजबूरी खत्म
झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
झारखंड के स्वास्थ्य इतिहास में मंगलवार का दिन चतरा जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया। चतरा सदर अस्पताल में राज्य का पहला MNCU (Mother and Newborn Care Unit) बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है। यह यूनिट उन नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित होगी, जो समय से पहले जन्म लेते हैं या जिनका वजन सामान्य से कम होता है।
अब तक ऐसे नवजातों को इलाज के दौरान माँ से अलग कर शीशे की पेटी (वार्मर) में रखा जाता था, लेकिन अब इस नई व्यवस्था के तहत शिशुओं का इलाज माँ की गोद, उसकी धड़कन और शरीर की गर्माहट के बीच किया जाएगा।
प्रशासनिक पहल से साकार हुआ सपना
इस अत्याधुनिक यूनिट का निर्माण चतरा उपायुक्त कीर्तिश्री के कुशल मार्गदर्शन और एसडीओ जहूर आलम के विशेष प्रयासों से संभव हो सका।यूनिट का भव्य उद्घाटन चतरा उपायुक्त, सांसद कालीचरण सिंह, चतरा विधायक जनार्दन पासवान और सिमरिया विधायक कुमार उज्जवल दास ने संयुक्त रूप से किया।
ज़ीरो सेपरेशन नीति पर आधारित MNCU
यह MNCU यूनिट Zero Separation की वैश्विक अवधारणा पर आधारित है।
यहां कुल 11 विशेष बेड लगाए गए हैं, जहां कम वजन और बीमार नवजातों को उनकी माताओं के साथ i-KMC (In-patient Kangaroo Mother Care) पद्धति के तहत रखा जाएगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार,
- माँ का स्पर्श नवजातों को संक्रमण से बचाता है
- हाइपोथर्मिया का खतरा कम होता है
- शिशुओं का वजन तेजी से बढ़ता है
प्रशिक्षित मेडिकल टीम की तैनाती
सिविल सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में इस यूनिट में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि नवजातों को चौबीसों घंटे बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
अब बड़े शहरों की दौड़ खत्म
MNCU की शुरुआत से अब चतरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को अपने कमजोर नवजातों के इलाज के लिए रांची या अन्य बड़े शहरों की ओर भागने की मजबूरी नहीं रहेगी। यह यूनिट न केवल नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण माताओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण भी प्रदान करेगी।
पूरे झारखंड के लिए बनेगा मॉडल
चतरा का यह MNCU मॉडल अब पूरे झारखंड के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन गया है। उम्मीद है कि आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, ताकि हर नवजात को माँ की ममता और आधुनिक चिकित्सा एक साथ मिल सके।
मौके पर रहे ये अधिकारी और चिकित्सक
इस अवसर पर उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार, डॉ. आशीष कुमार, डीडीसी अमरेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ. अजहर, रवि रंजन, दिलेर खान सहित कई अधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
