2026 के स्वागत में टूटा पिछला रिकॉर्ड, 31 दिसंबर को अकेले 30 करोड़ की शराब बिकी
Highlights:
- नए साल 2026 के स्वागत में शराब की ऐतिहासिक बिक्री
- तीन दिनों में 65–70 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार
- 31 दिसंबर को सबसे ज्यादा, करीब 30 करोड़ की बिक्री
- राजधानी रांची में ही 10 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकी
- अस्थायी लाइसेंस और एक्सटेंशन काउंटर बने बिक्री का कारण
- उत्पाद विभाग की आमदनी में बड़ा इजाफा
विस्तार :
नए साल के जश्न में शराब की बाढ़
झारखंड में नए वर्ष 2026 के स्वागत और वर्ष 2025 की विदाई के मौके पर लोगों ने जमकर जश्न मनाया। इस जश्न का सबसे बड़ा असर शराब की दुकानों पर देखने को मिला। बीते तीन दिनों में राज्य में शराब बिक्री ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
31 दिसंबर को टूटा रिकॉर्ड
31 दिसंबर की रात राजधानी रांची सहित राज्य के सभी जिलों में शराब दुकानों के बाहर देर रात तक भारी भीड़ उमड़ी रही। रात्रि पार्टियों और निजी आयोजनों के कारण मांग इतनी अधिक रही कि कई जगह स्टॉक खत्म हो गया।
अनुमान के मुताबिक, अकेले 31 दिसंबर को झारखंड में करीब 30 करोड़ रुपये की शराब बिकी, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग ढाई करोड़ रुपये अधिक है।
तीन दिनों का कुल कारोबार
- 30 दिसंबर: लगभग 16 करोड़ रुपये
- 31 दिसंबर: लगभग 30 करोड़ रुपये
- 1 जनवरी: अनुमानित 18–19 करोड़ रुपये
कुल मिलाकर तीन दिनों में 65 से 70 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिक्री दर्ज की गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 60 करोड़ रुपये था।
राजधानी रांची का हाल
राजधानी रांची में ही तीन दिनों के भीतर करीब 10 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई। नए साल के अवसर पर राज्य में दो दर्जन से अधिक अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए थे। इसके अलावा करीब 30 बार और रेस्टोरेंट को एक्सटेंशन काउंटर की अनुमति दी गई, जिससे तय समय से दो घंटे अधिक शराब बिक्री संभव हो सकी।
सरकार को हुआ फायदा
झारखंड शराब व्यापारी संघ के प्रदेश महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल के अनुसार, मांग के बावजूद पूरी आपूर्ति संभव नहीं हो सकी। इस भारी बिक्री से उत्पाद विभाग की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे राज्य सरकार के राजस्व में भी बड़ा इजाफा हुआ।
देशभर में भी शराब की धूम
नए साल के जश्न में झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी रिकॉर्डतोड़ शराब बिक्री दर्ज की गई।
- दिल्ली: करीब 400 करोड़ रुपये की शराब बिक्री
- नोएडा: 16 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार
- तेलंगाना: दो दिनों में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री, जो सामान्य दिनों से आठ गुना रही
