कुपोषण उपचार केंद्र में इलाज कराने आई महिलाओं को 130 रुपये प्रतिदिन की राशि अब सीधे कैश में
Highlights
- MTC में भर्ती बच्चों की माताओं को मिलेगी नकद प्रोत्साहन राशि
- पहले बैंक खाते में भेजी जाती थी राशि, होती थी परेशानी
- उपायुक्त कीर्तिश्री ने नकद भुगतान को दी मंजूरी
- डिस्चार्ज के समय सीधे महिलाओं को सौंपा गया कैश
- ग्रामीण महिलाओं को बैंक की कतारों से मिली राहत
विस्तार:
चतरा- चतरा जिले में कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाई को अब एक मानवीय और व्यावहारिक समाधान मिला है। कुपोषण उपचार केंद्र (MTC) में इलाज कराने आने वाले बच्चों की माताओं को दी जाने वाली 130 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि अब बैंक खाते के बजाय डिस्चार्ज के समय सीधे नकद दी जाएगी।
अब तक यह राशि महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती थी, लेकिन दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाली माताओं को बैंक जाने, लाइन में लगने और पैसे निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार बैंक दूरी पर होने के कारण उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था।
उपायुक्त के फैसले से मिली राहत
माताओं की इस परेशानी को गंभीरता से समझते हुए उपायुक्त कीर्तिश्री ने नकद भुगतान के प्रावधान को स्वीकृति दी है। इस फैसले के बाद अब महिलाओं को अस्पताल से घर लौटते समय ही उनकी प्रोत्साहन राशि हाथ में मिल जाएगी।
तीन महिलाओं को मिला नकद भुगतान
आज इसी क्रम में कुपोषण उपचार केंद्र से तीन महिलाओं को डिस्चार्ज किया गया।
- नगवा की निशु कुमारी
- प्रतापपुर सिजुआ की रेशमी देवी
- बानसम की सुगिया देवी
इन तीनों महिलाओं को डॉ. आशीष कुमार ने डिस्चार्ज के समय सीधे नकद प्रोत्साहन राशि सौंपी।
महिलाओं ने जताई खुशी
राशि मिलने के बाद महिलाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घर लौटते समय वे अपनी और बच्चों की जरूरत का सामान तुरंत खरीद सकेंगी, जिससे उन्हें काफी सुविधा होगी। यह पहल न केवल कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती देगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सम्मान और राहत भी प्रदान करेगी।
