सोनारी एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत, ओलचिकी लिपि शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति का भावुक संबोधन
Highlights :
- सोनारी एयरपोर्ट, जमशेदपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हुआ भव्य स्वागत
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया अभिनंदन
- ओलचिकी लिपि शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति ने की शिरकत
- संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने गाया लोक गीत, श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
- कार्यक्रम में संताल संस्कृति और भाषा के संरक्षण पर दिया गया जोर
विस्तार:
सोनारी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत
सोनारी एयरपोर्ट, जमशेदपुर परिसर में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति का आगमन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ।
ओलचिकी लिपि शताब्दी समारोह में हुई शिरकत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज झारखंड के जमशेदपुर में आयोजित ओलचिकी लिपि शताब्दी समारोह में शामिल हुईं। यह समारोह संताल समाज की भाषा, संस्कृति और पहचान के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
लोक गीत गाकर राष्ट्रपति ने जीता दिल
समारोह के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संताल संस्कृति से जुड़ा एक लोक गीत गाया। जैसे ही राष्ट्रपति ने लोक गीत की प्रस्तुति दी, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उनकी इस भावनात्मक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया।
संस्कृति और भाषा संरक्षण पर जोर
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि ओलचिकी लिपि केवल एक लिपि नहीं बल्कि संताल समाज की पहचान और आत्मा है। उन्होंने युवाओं से अपनी मातृभाषा, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मंच पर मौजूद रहे। उन्होंने ओलचिकी लिपि और संताल संस्कृति के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और राष्ट्रपति के आगमन को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
