टेलवा ब्रिज पर हादसा, 27 ट्रेनें डायवर्ट, कड़ाके की ठंड में यात्री बेहाल
Highlights:
- जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर बड़ा रेल हादसा
- टेलवा हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल पर मालगाड़ी डिरेल
- 17 डिब्बे पटरी से उतरे, 3 डिब्बे नदी में गिरे
- अप और डाउन दोनों लाइन पूरी तरह बाधित
- 27 ट्रेनों के रूट बदले गए, कई ट्रेनें रद्द
- बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी
विस्तार:
जसीडीह–झाझा रेलखंड पर बड़ा रेल हादसा
आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर शनिवार देर रात करीब 11:40 बजे एक बड़ा रेल हादसा हो गया। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही अप लाइन मालगाड़ी टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल (टेलवा ब्रिज) पर पटरी से उतर गई।
17 डिब्बे डिरेल, 3 नदी में गिरे
हादसे में मालगाड़ी के कुल 17 डिब्बे बेपटरी हो गए। इनमें से
- 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए,
- जबकि 3 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे।
शेष डिब्बे ट्रैक के आसपास बिखर गए, जिससे पूरा रेलखंड अवरुद्ध हो गया।
यात्री ट्रेन बाल-बाल बची
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से लगभग 30 मिनट पहले इसी ट्रैक से पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजर चुकी थी। गनीमत रही कि दुर्घटना के समय पुल पर कोई यात्री ट्रेन नहीं थी, अन्यथा बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।
13 घंटे से ज्यादा समय से रेल परिचालन ठप
हादसे के बाद जसीडीह–किऊल रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया।
- जसीडीह, सिमुलतला सहित कई स्टेशनों पर ट्रेनें रोकी गईं
- पटना–हावड़ा प्रमुख रूट बुरी तरह प्रभावित
- कड़ाके की ठंड में यात्री पूरी रात स्टेशनों पर फंसे रहे
27 ट्रेनों के रूट बदले गए
पूर्व रेलवे की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, हादसे के कारण 27 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। इनमें राजधानी, दुरंतो, मेल, एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। कई ट्रेनों को गया, भागलपुर, किऊल, साहिबगंज और प्रधानखुंटा के वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है।
कई ट्रेनें रद्द भी
हादसे का असर लोकल और पैसेंजर ट्रेनों पर भी पड़ा है।
- पटना–देवघर पैसेंजर पूरी तरह रद्द
- बाघ एक्सप्रेस आंशिक रूप से रद्द
- जसीडीह, मधुपुर और चित्तरंजन स्टेशन पर यात्रियों को भारी परेशानी
बहाली कार्य युद्धस्तर पर
आसनसोल मंडल की PRO विपुला बौरी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे की इंजीनियरिंग और राहत टीम मौके पर पहुंच गई।
- दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाने
- ट्रैक और पुल की मरम्मत
का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। रेल परिचालन बहाल होने में 10 से 12 घंटे लग सकते हैं।
रेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब इसी रेलखंड पर पहले भी ट्रैक से छेड़छाड़, फिश प्लेट खोलने, पटरी काटने और विस्फोटक बरामद होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि, फिलहाल रेलवे का फोकस परिचालन बहाल करने पर है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच बाद में की जाएगी।
