न अपहरण, न प्रेमी का मामला — दोस्त को सरप्राइज देने गई थीं महिला अधिकारी
Highlights:
- पटना के अथमलगोला प्रखंड से जुड़ा मामला
- कृषि विभाग की अधिकारी अर्यमा दीप्ति अचानक हुई थीं लापता
- 24 घंटे में पुलिस ने किया सकुशल बरामद
- पुलिस ने अपहरण और प्रेमी वाली अफवाहों को बताया गलत
- मोबाइल बंद होने की वजह बैटरी खत्म होना
- शादी के 23 दिन बाद लापता होने से मचा था हड़कंप
विस्तार:
पटना- बिहार की राजधानी पटना के अथमलगोला प्रखंड में तैनात कृषि विभाग की अधिकारी अर्यमा दीप्ति के लापता होने के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करते हुए पूरे मामले की सच्चाई सामने रख दी है। पुलिस का दावा है कि न तो अर्यमा दीप्ति का अपहरण हुआ था और न ही वे किसी प्रेमी के साथ गई थीं।
पति ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
शुक्रवार शाम अचानक अर्यमा दीप्ति के लापता होने के बाद उनके पति शुभम कुमार ने बख्तियारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पति के अनुसार, वे रोज की तरह अपनी पत्नी को कार्यालय छोड़ने गए थे। दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था और दोपहर तक संपर्क भी बना रहा, लेकिन शाम होते-होते अर्यमा का मोबाइल फोन बंद हो गया।
शादी के 23 दिन बाद बढ़ी चिंता
शादी के मात्र 23 दिन बाद महिला अधिकारी के लापता होने की खबर से परिवार ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया था। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं, जिनमें अपहरण और प्रेम संबंध की बातें कही जा रही थीं।

दोस्त को सरप्राइज देने गई थीं
बाढ़ अनुमंडल पुलिस अधिकारी ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि महिला अधिकारी ने अपने बयान में स्पष्ट कहा है कि वह किसी दबाव, डर या जबरदस्ती में कहीं नहीं गई थीं। दरअसल, उनकी करीबी दोस्त अंजलि कुमारी उर्फ गोल्डी, जो सारण जिले के मशरक की रहने वाली हैं, का जन्मदिन था। अर्यमा दीप्ति अपनी दोस्त को सरप्राइज देने के लिए बिना किसी को बताए वहां चली गई थीं।
मोबाइल फोन बंद होने की वजह
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि मोबाइल फोन बंद होने के पीछे कोई साजिश नहीं थी। फोन की बैटरी खत्म हो जाने के कारण वह अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पाईं। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान अपहरण या प्रेमी के साथ जाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
तकनीकी और मानवीय जांच से खुलासा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर की गई है। सामने आए तथ्य पूरी तरह सामान्य हैं और फिलहाल पुलिस नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
