श्याम भक्त मंडल परिसर में जयपुर से पधारे कथावाचक राधेश गौतम कर रहे कथा वाचन
Highlights:
- गिरिडीह में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ
- श्याम भक्त मंडल परिसर से निकली भव्य कलश यात्रा
- सैकड़ों महिलाओं व श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
- जयपुर के प्रसिद्ध कथावाचक राधेश गौतम कर रहे कथा वाचन
- 3 जनवरी तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान
विस्तार:
गिरिडीह शहर के श्याम भक्त मंडल परिसर में रविवार को सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ धार्मिक उल्लास, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। सिर पर कलश धारण किए श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए नगर भ्रमण पर निकले, जिससे पूरा शहर धर्ममय हो उठा।
आयोजक ने ग्रंथ धारण कर किया नगर भ्रमण
कलश यात्रा की अगुवाई आयोजक बाँके बिहारी लाल शर्मा ने की। उन्होंने श्रीमद् भागवत ग्रंथ को सिर पर धारण कर श्रद्धा के साथ नगर भ्रमण किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
कथावाचक राधेश गौतम ने की ग्रंथ स्थापना
कलश यात्रा का समापन श्याम सेवा मंडल परिसर में हुआ, जहां जयपुर से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक राधेश गौतम ने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रीमद् भागवत ग्रंथ को दरबार में प्रतिष्ठित किया।
भक्तिमय वातावरण में सजी कथा स्थल
श्याम मंदिर प्रांगण में कथा आयोजन को लेकर आकर्षक सजावट की गई है। रंग-बिरंगी लाइटिंग, पुष्प सज्जा और भक्ति संगीत से पूरा परिसर भक्तिरस में डूबा हुआ दिखाई दिया।
3 जनवरी तक चलेगा कथा आयोजन
यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा 3 जनवरी तक प्रतिदिन आयोजित की जाएगी। कथा के दौरान भक्ति संगीत, संकीर्तन और प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और जीवन मूल्यों का संदेश दिया जाएगा।
आयोजन से समाज में आध्यात्मिक जागरण
श्याम भक्त मंडल के अध्यक्ष ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरण और नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है। उन्होंने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने की अपील की।
आयोजन समिति के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस पावन अवसर में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
