गामा सिंह स्मृति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सिख समुदाय सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
Highlights:
- आज पूरे देश के साथ रांची में भी मनाया गया वीर बाल दिवस
- गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
- गामा सिंह स्मृति सभागार में भाजपा रांची महानगर की ओर से कार्यक्रम आयोजित
- केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक सीपी सिंह रहे मुख्य अतिथि
- सिख समुदाय के लोगों ने साहिबजादों के बलिदान को किया नमन
विस्तार :
वीर बाल दिवस का ऐतिहासिक महत्व
रांची। आज देशभर में वीर बाल दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। यह दिवस सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के दो साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—की अद्भुत शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। मात्र 7 और 9 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने धर्म परिवर्तन से इंकार करते हुए अत्याचार के सामने झुकने से मना कर दिया और वीरगति को प्राप्त हुए।
रांची में आयोजन, साहिबजादों को श्रद्धांजलि
वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी रांची में गामा सिंह स्मृति सभागार में भारतीय जनता पार्टी रांची महानगर जिला की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और सिख समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने साहिबजादों के शौर्य, बलिदान और अदम्य साहस को नमन किया।
संजय सेठ बोले—26 दिसंबर सबसे बड़ा बाल दिवस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि “साहिबजादों का बलिदान कोई साधारण बलिदान नहीं था। इतनी कम उम्र में उन्होंने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इस दुनिया में अगर कोई सबसे बड़ा बाल दिवस है, तो वह 26 दिसंबर है।” उन्होंने कहा कि साहिबजादों का साहस आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा है और उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्रधानमंत्री मोदी को दिया श्रेय: सीपी सिंह
रांची विधायक सीपी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “वीर बाल दिवस मनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने साहिबजादों की शहादत को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।” उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में धर्म, धरती और देश के लिए बलिदान देने वाले साहिबजादों से हमें साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए।
सिख समाज की सहभागिता और श्रद्धा
कार्यक्रम में मौजूद सिख समुदाय के लोगों ने गुरुवाणी, स्मरण और श्रद्धा के साथ साहिबजादों को याद किया। पूरा सभागार “साहिबजादों अमर रहें” के भाव से ओतप्रोत नजर आया।
नई पीढ़ी को संदेश
वीर बाल दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने यह संदेश दिया कि साहिबजादों का बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, धर्मनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम का मार्गदर्शक है।
