वीर बाल दिवस के मौके पर देशभर के 20 प्रतिभाशाली बच्चों को मिला सम्मान, खेल जगत में बिहार का नाम रोशन
Highlights:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया सम्मानित
- बिहार के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को खेल श्रेणी में मिला पुरस्कार
- विजय हजारे ट्रॉफी और आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन से बने चर्चा का विषय
- दो बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार, माता-पिता ने ग्रहण किया सम्मान
- 26 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है वीर बाल दिवस
विस्तार :
वीर बाल दिवस पर प्रतिभा का सम्मान
नई दिल्ली- वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में बच्चों की बहादुरी, प्रतिभा, नवाचार और समाज के प्रति योगदान की सराहना की गई।
बिहार के वैभव सूर्यवंशी बने देश की शान
इन पुरस्कार विजेताओं में बिहार के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, जो एक विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभर रहे हैं। वैभव की असाधारण बल्लेबाजी क्षमता और निरंतर शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें खेल श्रेणी में यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।
सम्मान समारोह के कारण विजय हजारे मैच से रहे दूर
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह के चलते वैभव सूर्यवंशी इन दिनों दिल्ली में हैं। इसी वजह से वे रांची में खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी मुकाबले में मणिपुर के खिलाफ बिहार टीम का हिस्सा नहीं बन सके।
विजय हजारे और आईपीएल में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। वहीं, आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक जड़कर लीग में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। आईपीएल 2025 के 7 मैचों में उन्होंने 252 रन बनाए।
अंडर-19 और यूथ क्रिकेट में भी चमक
वैभव ने हाल ही में अंडर-19 एशिया कप में भी शतक लगाया है। इसके अलावा वे यूथ वनडे क्रिकेट में भी शतक लगा चुके हैं। साल 2025 वैभव के करियर के लिए अब तक का सबसे स्वर्णिम साल साबित हुआ है।
दो बच्चों को मरणोपरांत मिला सम्मान
इस वर्ष तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार को मरणोपरांत प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दोनों बच्चों की ओर से यह पुरस्कार उनके माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ग्रहण किया।
राष्ट्रपति का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार पाने वाले बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इन सभी बच्चों ने अपने परिवार, समाज और पूरे देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “मैं इन बच्चों के परिवारजनों को भी दिल से बधाई देती हूं।” उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और मंत्रालय की भी सराहना की।
वीर बाल दिवस का महत्व
26 दिसंबर को वीर बाल दिवस सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के चारों पुत्रों—साहिबजादे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह—की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी 2022 को इसकी घोषणा की थी। इस दिन वीरता, कला-संस्कृति, विज्ञान, नवाचार, सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाता है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
यह पुरस्कार हर साल 5 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों को दिया जाता है। इसमें
- एक मेडल
- ₹1 लाख नकद
- ₹10 हजार के बुक वाउचर
- और एक प्रमाण पत्र शामिल होता है।
वीर बाल दिवस के अवसर पर बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सम्मान न सिर्फ राज्य, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गया है।
