सरिया को जिला का दर्जा देने की मांग पर संघर्ष समिति का एक दिवसीय धरना, सैकड़ों लोगों की गरज— जल्द फैसला लें सरकार।
हाइलाइट्स
- सरिया को जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग फिर तेज।
- संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना आयोजित।
- सैकड़ों महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए।
- जुलूस के रूप में बाजार भ्रमण कर लोगों ने जताया विरोध।
- समिति ने चेतावनी दी—मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन होगा।
गिरिडीह : सरिया अनुमंडल को जिला का दर्जा देने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ चुकी है। इसी मांग को लेकर गुरुवार को जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। संयोजक त्रिभुवन मंडल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग अनुमंडल मुख्यालय पहुंचे और जिला बनाए जाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाज़ी की।
सुबह से ही सरिया अनुमंडल के विभिन्न पंचायतों से लोग झंडे–बैनर के साथ बाजार में जुटने लगे। देखते ही देखते भारी भीड़ जुलूस के रूप में बाजार भ्रमण करते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंची, जहाँ सभी लोग धरना पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक विस्तार को देखते हुए सरिया को जिला का दर्जा मिलना चाहिए।
धरना में शामिल लोगों ने प्रशासनिक उपेक्षा पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि सरिया जैसे बड़े इलाके में जिला स्तर पर सुविधाओं के अभाव से लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे साफ है कि सरिया को जिला बनाने की मांग को जनता का गहरा समर्थन मिल रहा है।
