झारखंड राजभवन का नाम ‘बिरसा भवन’ और दुमका राजभवन का नाम ‘सिदो–कान्हू भवन’ करने की मांग—सदन के भीतर और बाहर तेज हुई चर्चा
Highlights:
- वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड राजभवन का नाम ‘बिरसा भवन’ और दुमका राजभवन का नाम ‘सिदो–कान्हू भवन’ करने का प्रस्ताव रखा।
- वित्त मंत्री ने कहा कि भवनों का नामकरण राज्य मंत्रिपरिषद का अधिकार है।
- विपक्ष ने प्रस्ताव पर कोई असहमति नहीं जताई।
- उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
- विधायक सरयू राय ने राजभवन के नाम में बदलाव को उचित नहीं बताया।
- इस मुद्दे पर विधानसभा और बाहर दोनों जगह राजनीतिक चर्चा तेज हुई।
रांची छ झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठा, जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड राजभवन का नाम ‘बिरसा भवन’ और उपराजधानी दुमका स्थित राजभवन का नाम ‘सिदो–कान्हू भवन’ करने का प्रस्ताव सदन में रखा।
सदन से बाहर मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि
“राज्य सरकार के अधीन आने वाले भवनों का नामकरण करने का अधिकार मंत्रिपरिषद को है। इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने भी कोई असहमति नहीं जताई है।”
उच्च शिक्षा मंत्री भी सहमत
इस विषय पर उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वित्त मंत्री की बात का समर्थन करते हुए कहा
“राजभवन का नाम झारखंड की विभूतियों के नाम पर होना चाहिए। यह सही दिशा में उठाया गया कदम है।”
विपक्षी विधायक सरयू राय ने जताई आपत्ति
वहीं वरिष्ठ विधायक सरयू राय इस प्रस्ताव से सहमत नहीं दिखे। उन्होंने कहा
“राजभवन के नाम के साथ छेड़छाड़ उचित नहीं है। देश के सभी राज्यों में राजभवन का नाम एक समान परंपरा के अनुसार होता है।”
उसके बाद सदन के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और बहस तेज हो गई।


