नियमितीकरण, वेतनवृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार की मांग; कार्यालयों का कामकाज रहा ठप
हाइलाइट्स
- झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के बैनर तले भूख हड़ताल
- 5 सूत्री मांगों को लेकर निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन
- दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का नियमितीकरण बड़ी मांग
- सरकार और मंत्रियों के आश्वासन पर अमल न होने का आरोप
- चेतावनी— जल्द कार्रवाई नहीं तो चरणबद्ध आंदोलन और उग्र होगा
गिरिडीह नगर निगम के कर्मियों ने मंगलवार को अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया। यह आंदोलन झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के बैनर तले निगम परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
कर्मियों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि कई बार लिखित समझौता होने और मंत्रियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फेडरेशन के नेता अशोक कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की उदासीनता से कर्मचारी नाराज हैं और मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
कर्मियों की प्रमुख मांगें
- दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का नियमितीकरण
- वेतनवृद्धि की व्यवस्था
- सेवा शर्तों में सुधार
- पद स्थापना और प्रोन्नति संबंधी नियमों को लागू करना
- निगम कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रभावी बनाना
कर्मचारियों के इस विरोध के कारण दिनभर निगम कार्यालयों का कामकाज प्रभावित रहा और कई जरूरी सेवाएं ठप पड़ी रहीं। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई निर्णय नहीं लिया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेंगे और यह हड़ताल लंबे रूप ले सकता है।
धरना स्थल पर लखन हरिजन, अंजित चंद्रा, मोहम्मद साबिर, लखन शर्मा, रामकुमार सिन्हा, अशोक हरिजन, आकाश हाड़ी, बबलू हाड़ी, डब्लू हाड़ी सहित कई निगम कर्मी मौजूद रहे।कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों को लेकर अब किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
