16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक रहने वाला खरमास शुभ कार्यों पर पूर्ण विराम लगा देगा। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और नए कार्यों पर रोक लग जाएगी
Highlights
- 16 दिसंबर 2025 की सुबह सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू
- 15 जनवरी 2026 तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण सहित सभी मांगलिक कार्य बंद
- इस दौरान नया व्यवसाय, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदना भी अशुभ
- शास्त्रों में इस अवधि को धार्मिक साधना, दान और पूजा के लिए श्रेष्ठ माना गया
- 15 जनवरी के बाद मकर संक्रांति के साथ शुभ काम दोबारा शुरू होंगे
- 2026 में फरवरी व मार्च में कई प्रमुख विवाह मुहूर्त उपलब्ध होंगे
विस्तार:
खरमास कब से कब तक?
हर साल दो बार लगने वाला खरमास (मलमास) इस बार 16 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक चलेगा। द्रिक पंचांग के अनुसार सूर्य 16 दिसंबर को सुबह 4:27 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे और इसी क्षण से खरमास आरंभ हो जाएगा। यह अवधि 14 जनवरी रात 9:19 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ समाप्त होगी, जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है।
खरमास में शुभ कार्य क्यों वर्जित होते हैं?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब गुरु की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है, तो उसका तेज कमजोर हो जाता है। विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन जैसे संस्कारों में सूर्य, गुरु और शुक्र का बलवान होना अनिवार्य माना गया है। इस अवधि में इन ग्रहों का प्रभाव कमजोर होने से शुभ कार्यों के फल कम होते हैं और कई बार बाधाएँ आती हैं।
इसी कारण इसे अशुभ माह माना जाता है।
खरमास में कौन से काम बिल्कुल नहीं करने चाहिए?
वर्जित कार्य
- विवाह, सगाई, रोका या तिलक
- गृह प्रवेश, नया घर बनवाना या शिफ्ट करना
- नया वाहन, प्रॉपर्टी या किसी बड़े सामान की खरीददारी
- नया बिजनेस शुरू करना
- मुंडन, नामकरण, अन्नप्राशन, जनेऊ संस्कार
- कोई बड़ा अनुष्ठान या नवीन कार्यारंभ
पंडितों के अनुसार इस महीने किया गया शुभ कार्य फल नहीं देता, बल्कि जीवन में अनावश्यक बाधाएँ ला सकता है।
खरमास में क्या करना शुभ माना जाता है?
शुभ कार्य
- भगवान विष्णु की साधना
- रोज़ सूर्य देव को जल अर्पित करना
- विष्णु सहस्रनाम, पुरुषोत्तम स्तोत्र, सत्यनारायण कथा
- दान–पुण्य: अन्न, वस्त्र, गौ-सेवा
- तुलसी पूजा
- सात्विक भोजन, तामसिक भोजन से परहेज
- गंगाजल स्नान या गंगा स्नान
मान्यता है कि खरमास में किया गया दान सौ गुना फल देता है।
2026 में शुभ काम कब से शुरू होंगे?
खरमास 15 जनवरी की रात समाप्त होगा और 16 जनवरी से सभी शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।
हालांकि शुक्र अस्त होने के कारण कुछ प्रभाव 31 जनवरी 2026 तक बना रहेगा।
सभी प्रमुख विवाह मुहूर्त 28 जनवरी के बाद प्रारंभ होंगे।
2026 में विवाह मुहूर्त
जनवरी: 29
फरवरी: 5, 6, 8, 15, 19, 20, 22, 25, 26
मार्च: 2, 4, 9, 11, 13
