डुमरी से रांची तक 6 दिनों की पदयात्रा, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने चेताया— मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और उग्र
Highlights
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से रांची में छात्र अधिकार पदयात्रा आयोजित
- यह पदयात्रा 4 दिसंबर को गिरिडीह के डुमरी से शुरू होकर 6 दिन बाद रांची पहुंची
- छात्रवृत्ति भुगतान में देरी और रोजगार संकट पर सरकार के खिलाफ मोर्चा
- छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा— छात्रों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है
- पदयात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- सरकार द्वारा मांगें नहीं माने जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
रांची : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को राजधानी रांची में “छात्र अधिकार पदयात्रा” का समापन किया गया। यह पदयात्रा बीते 4 दिसंबर को गिरिडीह जिले के डुमरी विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुई थी, जो लगातार 6 दिनों तक पैदल चलने के बाद रांची स्थित पुराने विधानसभा परिसर पहुंची।
इस पदयात्रा में मोर्चा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल रहे। राजधानी में प्रवेश करने के साथ ही पदयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से रूट पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए।
पदयात्रा की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य के छात्र पिछले कई महीनों से छात्रवृत्ति भुगतान में हो रही देरी की वजह से भारी आर्थिक संकट झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी, मूलवासी और गरीब छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति उनके अध्ययन और आजीविका का आधार है, लेकिन भुगतान रुकने से उनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है।
उन्होंने आगे कहा
“हमारी पदयात्रा सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों की आवाज है। रोजगार के अवसर कम हैं, छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। यदि सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो हमारा आंदोलन और उग्र रूप लेगा।”
मोर्चा नेताओं ने कहा कि यह पदयात्रा युवाओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का शांतिपूर्ण तरीका था। लेकिन यदि मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। इस दौरान राजधानी में पहुंचे पदयात्रियों ने पुरानी विधानसभा के पास सभा कर अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
