छात्रवृत्ति, धान खरीद और योजनाओं में कटौती को लेकर विपक्षी एनडीए का हल्ला बोल — सत्ता दल बोला: मुद्दों पर गंभीर है सरकार
Highlights:
- झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष सड़क पर उतरा
- भाजपा, आजसू और लोजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ तख्ती लेकर प्रदर्शन किया
- छात्रवृत्ति भुगतान, मैया सम्मान योजना कटौती, धान खरीद और मनरेगा मुद्दों पर सवाल
- विपक्ष बोला — सरकार फेल, जनता परेशान
- सत्ता पक्ष का पलटवार — “भाजपा के पास मुद्दे नहीं, सरकार सब पर गंभीर”
- बाबूलाल मरांडी और इरफान अंसारी के तीखे बयान चर्चा में
विस्तार :
रांची- झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बाहरी परिसर में जोरदार राजनीतिक हलचल देखने को मिली। सदन के भीतर की कार्यवाही से पहले विपक्षी एनडीए दल — भाजपा, आजसू और लोजपा के विधायकों ने सरकार के खिलाफ तख्ती लेकर धरना प्रोटेस्ट किया।
किन मुद्दों पर विरोध?
विरोध करने वाले विधायकों ने कई बड़े मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया—
- छात्रों की छात्रवृत्ति का भुगतान लंबित
- मैया सम्मान योजना में कटौती
- धान की खरीद में देरी और किसानों की परेशानी
- मनरेगा कर्मियों का जारी आंदोलन
- शिक्षण संस्थानों से जुड़े छात्रों के आंदोलन
विधायकों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं पर असंवेदनशील है और आर्थिक प्रबंधन कमजोर हो गया है।
सत्ता पक्ष का पलटवार
दूसरी तरफ सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के प्रदर्शन को “बिना आधार वाले आरोप” करार दिया।
सत्ता पक्ष ने दावा किया कि—
- सरकार छात्रवृत्ति भुगतान पर गंभीर है
- धान खरीद प्रक्रिया की तैयारी पूरी हो रही है
- किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित कराया जाएगा
- विपक्ष सत्ता से बाहर होने के बाद मुद्दा खोज नहीं पा रहा, इसलिए भ्रम फैला रहा है
बाबूलाल मरांडी ने कहा
“सरकार फेल है। छात्र परेशान हैं, किसान इंतजार कर रहे हैं, योजनाओं में कटौती जनता के साथ धोखा है।”
इरफान अंसारी ने कहा
“भाजपा के पास मुद्दे नहीं बचे हैं। सरकार हर मुद्दे पर संजीदा है, विपक्ष सिर्फ राजनीति कर रहा है।”
