Saturday, March 7, 2026
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रांची में बेज़ुबानों के हक़ की आवाज़, पशु प्रेमियों का मौन प्रदर्शन, आवारा कुत्तों के लिए ठोस व्यवस्था की मांग

बेज़ुबान पशुओं की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर लोगों ने जताई नाराजगी, सरकार से स्थायी समाधान की मांग

 Highlights:

  • रांची में बापू वाटिका के पास पशु प्रेमियों का मौन प्रदर्शन
  •  सड़क पर घूमने वाले कुत्तों के लिए ठोस व्यवस्था की मांग
  •  हाथों में तख्तियां और अपने पालतू कुत्तों के साथ प्रदर्शन में शामिल रहे नागरिक
  •  न्यायालय के हालिया निर्देश पर असहमति जताई गई
  •  सरकार से पुख्ता नीति बनाने और पशु संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की अपील

विस्तार:

रांची। राजधानी में आज मानवता और संवेदनशीलता से जुड़ा एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब बापू वाटिका परिसर के पास शहर के पशु प्रेमी मौन प्रदर्शन के लिए इकठ्ठा हुए। हाथों में प्लेकार्ड, अपने पालतू कुत्तों के साथ खड़े इन लोगों ने, सड़क पर घूमने वाले बेज़ुबान पशुओं के अधिकार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी आवाज़ बुलंद की।

 पशु प्रेमियों की मांग “जीने का हक इन्हें भी है”

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन आवारा कुत्तों को भी जीवन, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार है। उन्होंने कहा कि शहर में इन कुत्तों के लिए न तो चिकित्सा सुविधा है और न ही उनके संरक्षण की कोई व्यवस्थित व्यवस्था है।

 न्यायालय के हालिया आदेश पर आपत्ति

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सड़क पर चल रहे कुत्तों से संबंधित हालिया अदालत निर्देश पर अपनी असहमति जताई। पशु प्रेमियों का कहना है कि बेज़ुबानों पर प्रतिबंध या हटाने के बजाय, उनके लिए रेस्क्यू सेंटर, देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए।

 “सरकार पहल करे”… प्रदर्शनकारियों की अपील

मौन रैली में शामिल नागरिकों ने मीडिया से बात करते हुए सरकार से मांग की:

  • शहर में कुत्तों की नसबंदी, स्वास्थ्य देखभाल और शेल्टर होम की व्यवस्था हो
  • आवारा पशुओं के लिए योजनाएं बने
  • नागरिकों को भी संवेदनशीलता का संदेश दिया जाए

 “ये भी हमारे शहर का हिस्सा हैं”

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क पर घूमने वाले पशु बोझ नहीं बल्कि शहर का हिस्सा हैं — उनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण जरूरी है।

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