गीता जयंती के अवसर पर गिरिडीह में भव्य शौर्य यात्रा, विभिन्न प्रखंडों से वीएचपी एवं बजरंग दल कार्यकर्ता जुटे
Highlights:
- गीता जयंती अवसर पर गिरिडीह में शौर्य संचालन का आयोजन।
- बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से निकला विशाल शौर्य मार्च।
- द्वापर युग में कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए उपदेश को समर्पित आयोजन।
- जिले के विभिन्न प्रखंडों से बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं की भागीदारी।
- मुख्य अतिथि: झारखंड प्रांत के अर्चक पुरोहित प्रमुख मनोज पांडेय।
- विहिप जिला अध्यक्ष राम किशोर शरण समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित।
- मार्च मकतपुर, कालीबाड़ी, जिला परिषद चौक होते हुए विद्यालय परिसर लौटा।
- अतिथि वक्ताओं ने हिन्दू समाज में शौर्य व सेवा भाव पर बल दिया।
- सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी— नारे, भगवा ध्वज, शौर्य प्रदर्शन शामिल।
- कार्यक्रम का संचालन विहिप जिला मंत्री भरत साहू ने किया।
विस्तृत
गिरिडीह : गीता जयंती के अवसर पर बजरंग दल द्वारा रविवार को गिरिडीह में शौर्य संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से शुरू हुआ, जहां जिले के विभिन्न प्रखंडों से बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता पहुंचे।
शौर्य माह का संकल्प
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि 33 वर्ष पूर्व 6 दिसंबर 1992 को गीता जयंती के दिन राम जन्मभूमि पर स्थित बाबरी ढांचा हटाया गया था। अंग्रेजी तिथि के अनुसार वह 6 दिसंबर था, लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार गीता जयंती थी। इसी स्मरण और धार्मिक प्रतीक के चलते इस माह को शौर्य माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोज पांडेय (अर्चक पुरोहित प्रमुख झारखंड), रंगनाथ महतो, जिला अध्यक्ष राम किशोर शरण, विभाग मंत्री अनूप, जिला मंत्री भरत साहू सहित अन्य नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
भव्य शौर्य यात्रा निकली
शौर्य यात्रा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से प्रस्थान कर मकतपुर चौक, कालीबाड़ी चौक, जिला परिषद चौक होते हुए वापस विद्यालय परिसर में समाप्त हुई।
मंच संचालन और संबोधन
सभा की अध्यक्षता विहिप अध्यक्ष राम किशोर शरण ने की, जबकि मंच संचालन जिला मंत्री भरत साहू ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने गीता के उपदेश, धर्म रक्षा और संगठन की भूमिका पर भाषण दिया।
जिले–प्रखंडों से बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में झारखंड प्रांत के विभिन्न हिस्सों से
रंगनाथ महतो, शिवपुजन, शिवशंकर साहू, रविंदर स्वर्णकार, निरंजन कुमार, शंकर मंडल, अनिल चंद्रवंशी सहित
डुमरी, धनवार, बिरनी, गांवा सहित कई प्रखंडों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
