Sunday, November 30, 2025
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सरकारी मदद थमी, चतरा के 67 गंभीर मरीजों की सांस अटकी, तीन महीने से CM गंभीर बीमारी सहायता निधि खाली

तीन महीने से बंद सहायता राशि, सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं मरीजों के परिजन

 Highlights:

  • चतरा जिले के 67 गंभीर मरीज सरकारी सहायता के इंतजार में
  • मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता निधि तीन महीने से खाली
  • इलाज के लिए पांच लाख तक दी जाती है सहायता राशि
  • मरीजों के परिजन रोज चक्कर लगा रहे हैं सदर अस्पताल
  • स्वास्थ्य विभाग ने सरकार से सात करोड़ का डिमांड भेजा

विस्तार:

तीन महीने से खजाना खाली – मरीज परेशान

चतरा जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 67 मरीजों की सांसें सरकार की आस पर अटकी हुई हैं। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता निधि में तीन महीने से पैसा नहीं है, जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए अनुमोदित राशि अस्पतालों में नहीं भेजी जा रही है।

परिजन रोज लगा रहे हैं सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर

मरीजों के परिजन प्रतिदिन सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर एक ही सवाल करते हैं— “पैसा कब मिलेगा?”
अधिकारी और बाबू बार–बार एक ही जवाब दे रहे हैं –
“निधि खाली है, पैसा मिलते ही भेज देंगे।”

कैसे मिलता है इलाज का पैसा?

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता निधि के तहत सरकार मरीजों के इलाज के लिए पाँच लाख रुपये तक की राशि सीधे अस्पतालों को भेजती है। इसके लिए मरीज को संबंधित अस्पताल द्वारा जारी खर्च का अस्टिमेट सिविल सर्जन कार्यालय में जमा करना होता है।

किन बीमारियों में मिलती है सहायता?

योजना के तहत लगभग दो दर्जन गंभीर बीमारियों में सहायता दी जाती है, जिनमें शामिल हैं— कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण, गंभीर लिवर रोग, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, आईसीयू केस, रिटेनल डिटैचमेंट, बाईपास सर्जरी, ब्रेन हेमरेज आदि।

इन 67 मरीजों को मिलनी है राशि

अनोज यादव, मो. शमीम, दुखीलाल यादव, मो. जहांगीर, प्रकाश चंद्र दास, मो. कलाम, नीरज कुमार, अरविंद कुमार, टेकलाल महतो, खुशबू कुमारी, रेशमा बानो, संगीता देवी, संध्या कुमारी, निखत परवीन, डॉली सिंह, रोशन आरा, रियाज अंसारी, मो. हैदर सहित कुल 67 मरीज।

सिविल सर्जन ने सरकार से भेजी 7 करोड़ की मांग

सिविल सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद ने बताया-  “निधि पूरी तरह खत्म हो चुकी है। सरकार से सात करोड़ रुपये का डिमांड भेजा गया है। पैसा मिलते ही मरीजों के अस्पतालों को राशि भेज दी जाएगी।”

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