पीड़ितों को मुआवजा और लंबित क्रिमिनल केस की मॉनिटरिंग पर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने मार्च में अगली सुनवाई तय की
HIGHLIGHTS
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1984 सिख दंगे के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई
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कोर्ट ने कहा — वन मैन कमीशन को मिली सभी सुविधाएँ फिलहाल जारी रहें
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राज्य सरकार से मुआवजा भुगतान और जांच प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी
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अगली सुनवाई मार्च में होगी
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चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की बेंच ने मामले की सुनवाई की
विस्तार:
रांची: झारखंड हाईकोर्ट में आज 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और दंगा–संबंधित क्रिमिनल मामलों की मॉनिटरिंग की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मुआवजा भुगतान और संबंधित मामलों की जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए गठित वन मैन कमीशन को उपलब्ध सुविधाएँ यथावत जारी रहें।
हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की बेंच ने स्पष्ट कहा कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमीशन को दी गई संसाधन–सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कटौती न की जाए।
अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि अब तक पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में क्या प्रगति हुई है और क्रिमिनल केसों की जांच किस चरण में है। सरकार को इन दोनों विषयों पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई मार्च महीने में निर्धारित की गई है।
