काले धन, अवैध लेनदेन और आउटसोर्सिंग टेंडरों में गड़बड़ी की जांच; पालतू कुत्ते छोड़कर छापेमारी रोकने की कोशिश
HIGHLIGHTS:
- धनबाद में तड़के 6 बजे ED की बड़ी छापेमारी
- देव प्रभा कंपनी और मालिक एलबी सिंह के 18 ठिकानों पर कार्रवाई
- दो अन्य कोयला कारोबारियों—अनिल गोयल व संजय खेमका—पर भी दबिश
- कई डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन के कागजात जब्त
- छापेमारी रोकने के लिए एलबी सिंह ने पालतू कुत्ते छोड़े, ED टीम को दिक्कत
- बीसीसीएल टेंडरों में गड़बड़ी, अनियमित ठेके और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
- कोयला मंत्रालय की शिकायतों के बाद 7–8 महीनों से निगरानी
- आगे बड़ी गिरफ्तारी और खुलासों की संभावना
विस्तार:
धनबाद के कोयला कारोबार में कथित अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की। एजेंसी की टीम ने तड़के 6 बजे बीसीसीएल में आउटसोर्सिंग का काम करने वाली देव प्रभा कंपनी तथा इसके मालिक एलबी सिंह के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। ईडी की टीमों ने चर्चित कोयला कारोबारी एल.बी. सिंह, उनके भाई कुम्भनाथ सिंह और उनसे जुड़े कई ठिकानों जिसमें शिमलाबहार स्थित आवास और कार्यालय शामिल हैं, पर एक साथ छापेमारी की।
जानकारी के अनुसार, धनबाद में एलबी सिंह के आवास ‘देव विला’ सहित कुल 18 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। इसके साथ ही कोयला कारोबारियों अनिल गोयल और संजय खेमका के ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है।
7–8 महीने से थी निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, कोयला मंत्रालय को इस मामले में कई शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद लगभग सात से आठ महीने से कोयला आउटसोर्सिंग, अनियमित ठेके और वित्तीय लेनदेन की गतिविधियों पर गहन नजर रखी जा रही थी।
कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त
छापेमारी के दौरान ED टीम ने
- वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज
- डिजिटल रिकॉर्ड
- कंपनी से जुड़े कई महत्वपूर्ण पेपर
को कब्जे में लिया है।
जांच एजेंसी का फोकस कथित काले धन, मनी लॉन्ड्रिंग और कोयले के अवैध कारोबार में हुई अनियमितताओं पर है।
पालतू कुत्ते छोड़कर छापेमारी रोकने की कोशिश
सूत्रों ने बताया कि ED टीम जब कुसुम विहार पहुंची तो कुम्भनाथ सिंह ने अपने पालतू कुत्तों को खोल दिया, जिससे अधिकारियों को अंदर प्रवेश करने में काफी दिक्कत हुई। बाद में टीम ने मोर्चा संभालकर घर में प्रवेश किया और तलाशी शुरू की। ज्ञात हो कि कुंभनाथ सिंह, एलबी सिंह के भाई है।
बीसीसीएल के अधिकारी भी संदेह के घेरे में
छापेमारी का दायरा बढ़ने के बाद माना जा रहा है कि बीसीसीएल से जुड़े कई अधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं, खासकर वे जिनके कार्यकाल में आउटसोर्सिंग और टेंडर पास हुए थे।
पश्चिम बंगाल में भी छापेमारी
धनबाद के साथ-साथ ED कोलकाता की टीम पश्चिम बंगाल में ईसीएल से जुड़े ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों और अफसरों के ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई कर रही है।
100 करोड़ कैश का पुराना मामला भी जुड़ा
उल्लेखनीय है कि इससे पहले आयकर विभाग की छापेमारी में एलबी सिंह से जुड़े खातों से लगभग 100 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे। CBI द्वारा दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाकर ED ने इसे ECIR में दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की है।
गिरफ्तारी की आशंका
सख्त कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में कई बड़े खुलासे और संभावित गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
