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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम और संतन कुमार मेहता के परिजनों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री ने परिजनों को 1 करोड़ 10 लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक सौंपा, कहा — झारखंड अपने शहीदों का सदैव ऋणी रहेगा
Highlights :
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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम और संतन कुमार मेहता के परिजनों ने की मुलाकात।
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प्रत्येक शहीद परिवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1 करोड़ 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की गई।
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बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डीजीपी अनुराग गुप्ता, पलामू एसपी रिष्मा रमेशन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा — “राज्य सरकार सदैव शहीद परिवारों के साथ खड़ी है।”
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परिजनों से आत्मीय बातचीत कर मुख्यमंत्री ने साझा किया उनका दर्द और बढ़ाया मनोबल।
रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पलामू जिला बल के शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों ने मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद जवानों के परिजनों को राज्य सरकार एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 1 करोड़ 10 लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक सौंपा।
मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, डीजीपी अनुराग गुप्ता, पलामू एसपी रिष्मा रमेशन, एसबीआई रांची अंचल के उप महाप्रबंधक मनोज कुमार, एजीएम रीना कुमारी, मुख्य प्रबंधक विकास कुमार पांडेय सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम और संतन कुमार मेहता ने राज्य और देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत झारखंड पुलिस की वीरता और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार सदैव शहीद परिवारों के साथ खड़ी है। झारखंड अपने शहीदों का सदैव ऋणी रहेगा।”
मुख्यमंत्री ने परिजनों से आत्मीय बातचीत कर उनकी पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता केवल सम्मान नहीं बल्कि सरकार की जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस राशि का उपयोग बच्चों के शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में किया जाए ताकि शहीदों के सपनों को आगे बढ़ाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवारों की हर संभव मदद के लिए तत्पर है और आगे भी उनके हित में आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री की इस मुलाकात ने एक बार फिर साबित किया कि राज्य सरकार अपने शहीद जवानों और उनके परिवारों के प्रति समर्पित है। शहीदों की शहादत झारखंड के गौरव का प्रतीक है, और उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा।