झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन नहीं रहे। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने सोमवार को अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता ने निधन की जानकारी एक्स पर दी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे
झारखंड आंदोलन के अग्रणी और राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और झारखंड की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन सामाजिक न्याय, आदिवासी अधिकारों और जनकल्याण को समर्पित रहा। विधानसभा का मॉनसून सत्र राजकीय शोक के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित ।
शिबू सोरेन ने तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री और कई बार केंद्र सरकार में मंत्री पद पर कार्य किया। उनके नेतृत्व में झारखंड आंदोलन ने गति पकड़ी और राज्य गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में 19 जून 2025 से भर्ती थे | उनकी मृत्यु की खबर ने झारखंड की राजनीति और आदिवासी समाज में शोक की लहर दौड़ा दी है | उनके निधन पर बेटे हेमंत सोरेन ने दुख प्रकट किया | उन्होंने कहा कि मैं आज शून्य हो गया है | गुरुजी हमसबको छोड़कर चले गए |
उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिबू सोरेन के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने दुख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बात की।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि शिबू सोरेन जनजातीय समाज के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्ष किया
राज्यपाल ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजली पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का निधन अत्यंत दुखद व पीड़ादायक है। वे जनजातीय अस्मिता व अधिकार के सशक्त स्वर थे। राजनीतिक-सामाजिक जगत में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।
राज्य सरकार ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।