रांची के केंद्रीय धूमकुरिया करमटोली में पेसा कानून 1996 पर महाबहस का आयोजन किया गया। इस बहस का मुख्य उद्देश्य था गांवों को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को लागू करवाना और ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना।
पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि पेसा कानून के तहत राज्यपाल को यह अधिकार है कि वह राज्य सरकार को संविधान के प्रावधान लागू करने का निर्देश दे सकते हैं। कहा कि राज्यपाल को सीधा हस्तक्षेप करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून सही ढंग से लागू हो।
प्रेम शाही मुंडा ने कहा यदि भूमि से जुड़े अंतिम निर्णय का अधिकार अधिकारियों को है, तो ग्राम सभा की भूमिका कहां है? उनका मानना है कि ग्राम सभा को ही निर्णय का अंतिम अधिकार मिलना चाहिए, जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था। कहा कि जब तक गांवों को शक्ति नहीं मिलेगी, देश का समुचित विकास संभव नहीं है। पेसा कानून 1996 को सही ढंग से लागू करने में फैलाई जा रही भ्रांतियों का खंडन करते हुए, यह महाबहस ग्राम सभाओं की शक्ति को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।