नवजातों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा एसएनसीयू डॉ आशीष कुमार
चतरा में गरीबी व पैसे के अभाव में समय से पहले जन्मे बच्चों में ज्यादातर नवजात काल के आगोश में समा रहे थे। कोख सूनी होने के बाद मां अपनी जिंदगी की जंग हार जाती थी, लेकिन जिला चिकित्सालय में स्थापित एसएनसीयू वार्ड नवजात को सांस देने के साथ सेहतमंद बना रहा है। इससे मृत्यु दर में भी कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक एक हजार शिशुओं पर 90 मौत की जगह अब यह संख्या घटकर 35 पर आ गई है। 12 बेड के एसएनसीयू वार्ड में प्रति माह 70-75 नवजातों को भर्ती किया जाता है।