नई दिल्ली : भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना ने शनिवार को 15 हजार फीट की ऊंचाई पर दुनिया के पहले पोर्टेबल अस्पताल को पैराड्रॉप करके इतिहास रच दिया। स्वदेशी रूप से निर्मित इस अस्पताल का यह अपनी तरह का पहला पैराड्रॉप है। भारतीय वायु सेना ने क्यूब को एयरलिफ्ट करके सटीक रूप से पैरा-ड्रॉप करने के लिए अपने उन्नत सामरिक परिवहन विमान सी-130जे सुपर हरक्यूलिस का उपयोग किया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन क्रिटिकल ट्रॉमा केयर क्यूब्स को ‘भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग हित और मैत्री’ प्रोजेक्ट के तहत स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। यह परीक्षण मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच को आसान बनाने और महत्वपूर्ण आपूर्ति प्रदान करने के विजन के अनुरूप किया गया। वायुसेना और थलसेना ने संयुक्त रूप से 15 हजार फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब का पहली बार सटीक पैरा ड्रॉप परीक्षण किया है। ट्रॉमा केयर क्यूब के सफल पैरा-ड्रॉप परीक्षण और तैनाती ने सशस्त्र बलों की तालमेल और संयुक्तता का उदाहरण पेश करके समय पर प्रभावी सहायता देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
