राँची : पुलिस मुखबिरी के आरोप में भुषण कुमार सिंह और राम गोबिंद की हत्याकांड मामले में पूर्व विधायक पौलूस सुरीन और नक्सली जेठा कच्छप को कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास की सजा.
इससे पहले पिछले दिनों मामले की ट्रायल फेस कर रहे 3 महीला और कृष्णा महतो समेत 4 आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हुए थे . अपर न्याययुक्त दिनेश कुमार की कोर्ट ने सुनाया फैसला. खूंटी के तोरपा में साल 2013 में हुई थी भुषण सिंह और राम गोबिंद महतो की हत्या. घर के सामने चबूतरा में अंधाधुंध फायरिंग कर की गई थी हत्या. हत्याकांड की घटना को लेकर कर्रा थाना में कांड संख्या 27/ 2013 के तहत दर्ज हुआ था प्राथमिकी. मामले में पौलूस सुरीन ,नक्सली जेठा कच्छप, कृष्णा महतो और 3 महिला समेत 6 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे .
इसी मामले में पीएफएलआई सुप्रीमो दिसेश गोप कर रहे है ट्रायल फेस….मामले में अभियोजन पक्ष 12 गवाह किए गए थे पेश…. बचाव पक्ष की ओर से 1 गवाह पेश किए गए थे. पौलुस सोरेन तोरपा विधानसभा से दो बार विधायक रहे हैं .
