उज्जैन : सूर्य ग्रहण सोमवार को है लेकिन यह भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए इसका सूतक भी नहीं माना गया है लेकिन इसका असर विश्वव्यापी देखने को मिलेगा। विश्व में युद्ध के हालात बनेंगे। भारत की भी अपने पड़ोसी देशों से सीमा पर झड़प हो सकती है। सूर्य ग्रहण के असर से जून माह तक हालात बहुत ही परिवर्तनशील होंगे।
भारतीय नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा के एक दिन पूर्व 8 अप्रैल को पूर्ण सूर्यग्रहण देश और दुनिया के लिए बड़ी प्राकृतिक व मानवीय त्रासदी लेकर आ रहा है, ऐसा ग्रहों के आधार पर कहा जा रहा है। ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाने वाला खप्पर योग वर्तमान में प्रभावशील है। यह 23 अप्रैल तक अपना कुप्रभाव दिखाएगा। इसी के साथ शनि की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में दो परस्पर विरोधी व शत्रु माने जाने वाले ग्रहों शनि और मंगल की वक्र युति बनी हुई है। यह भी 23 अप्रैल तक अपना कुप्रभाव दिखायेगी। आने वाली 30 मई तक गोचर में लगभग सभी ग्रहों के लगातार तेजी से बदलाव देखने को मिलेंगे।
