रांची : एक परीक्षा ने पुरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है, ऐसा भारत में पहली बार हुआ है. हम बात कर रहे है बिहार लोक सेवा आयोग के बारे में. बिहार के अलग अलग जिले से करीब 300 परीक्षार्थियों 2 बस में झारखण्ड के हजारीबाग आते है और यही से शुरू होती है पेपर लिक का असली खेल. आने वाले समय में जो दुसरे के भाग्य को तय करते आज वही लोगों का भाग्य जाँच के घेरे में हैं. हजारीबाग आने के बाद उन सभी को एक होटल में ठहराया जाता है. और जाँच पड़ताल के बाद अंततोगत्वा लगभग 300 को जेल भेज दिया जाता है पूरा मामला हम बताये उस से पहले यह सवाल उठता है की इस से पहले क्या ऐसा नही हुआ होगा? क्या ये खेल करोड़ा का था? प्रसाशन की ये सफलता काबिले तारीफ है साथ ही ये सवाल है की ऐसा अपहले भी हुआ है तो …. ?
अब आपको बताते है की पूरा मामला है किया .
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 15 मार्च को को होना था. इसी बीच परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है. पेपर लीक होने के शक में करीब 300 परीक्षार्थियों को 14 को झारखंड के हजारीबाग की पुलिस ने हिरासत में लिया.
जानकारी के मुताबिक़, पुलिस को सूचना मिली थी कि हजारीबाग के दो होटलों में करीब 300 परीक्षार्थियों को रुकवाया गया है. सभी अभ्यर्थियों को शिक्षक नियुक्ति परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध करा गया है . और प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहा है. प्रश्न पत्र छात्रों को उपलब्ध कराने के बाद पिछले कुछ दिन से पढ़ाया जा रहा है. बता दें बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा 15 मार्च को 2 पाली में आयोजित की गयी थी. पिछले शुक्रवार जब ये सभी छात्र तीन-चार बसों में सवार होकर परीक्षा देने जा रहे थे, तब हजारीबाग के बरही में इन्हें रोक लिया गया. साथ ही हिरासत में लिए गए करीब 300 परीक्षार्थियों से पुलिस के कई अधिकारी गोपनीय पूछताछ किया.
हिरासत में लिए गए परीक्षार्थियों में 50 से अधिक महिलाएं और लड़कियां थी. इनमें से किसी परीक्षार्थी के पास उनका मोबाइल नहीं है. इससे पहली नजर में यह माना गया की इन्हें परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कराने वाले किसी गैंग के जरिए ऑपरेट किया गया है. इनके मोबाइल संभवतः गैंग ऑपरेटर्स द्वारा इसलिए जब्त किए गए हैं, ताकि वे प्रश्नपत्र दूसरों से शेयर न कर सकें. इनके पास से प्रश्नों के सेट भी बरामद किया गया.
हजारीबाग जिला पुलिस के एक अफसर ने बताया कि छात्रों से पूछताछ किया जिसमे पूरा मामला प्रश्न पत्र लीक से जुड़ा हुआ है. जो प्रश्न पत्र छात्रों से बरामद किया गया है, वह प्रश्न क्या परीक्षा में आया है या नहीं. इसे लेकर बिहार पुलिस से भी संपर्क स्थापित किया जा रहा है. साथ ही अलग अलग होटल में छापेमारी भी किया गया है. वहीं झारखंड में हिरासत में लेकर पटना भेजे गए अभ्यर्थियों को शनिवार की देर रात को जेल भेज दिया गया है.
इसके बाद ईओयू ने अब साफ कर दिया है कि बीपीएससी टीचर एग्जाम का पेपर लीक हुआ था. 14 मार्च को ही गिरोह को प्रश्न-पत्र पेन ड्राइव में मिल चुका था. इस प्रश्न-पत्र के कई प्रिंट निकाले गए थे और अभ्यर्थियों को अलग-अलग ग्रुप में उपलब्ध कराकर उत्तर रटवाए जा रहे थे. 10-10 लाख रुपए सभी अभ्यर्थियों से लेने की बात सामने आयी है.
