Tuesday, February 24, 2026
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श्री अग्रसेन स्कूल में पंचायत और हम विषय पर परिचर्चा का हुआ आयोजन

  • पंचायत के कार्य एवं दायित्व पर जनप्रतिनिधियों ने बताया
  • लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाती है पंचायती राज व्यवस्था

भुरकुंडा : श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा में मंगलवार को ‘पंचायत और हम’ विषय पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। परिचर्चा में पतरातू प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व स्कूल के विद्यार्थी शामिल हुए। परिचर्चा का उद्घाटन मुखिया रामनारायण कुमार, आनंद दुबे, ब्यास शर्मा, चंद्रावती ठाकुर, निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

विषय प्रवेश कराते हुए राहुल राजगढ़िया ने कहा कि इस परिचर्चा का मकसद बच्चों को पंचायती राज व्यवस्था का प्रायोगिक ज्ञान दिलाना है। सुंदरनगर के मुखिया व्यास पांडेय ने पंचायती राज की मौलिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गांव की सरकार है, जो विकास कार्यों को सही तरीके से धरातल पर उतार सकती है। सरकार की योजनाओं को उसके वास्तविक लाभुक तक पहुंचाने का दायित्व हमारे कंधे पर होता है। पंचायत सचिवालय आकर किसी भी योजना की सटीक जानकारी ली जा सकती है।

चोरधरा मुखिया रामनारायण कुमार ने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांवों की प्रगति में ही देश की प्रगति है। यह व्यवस्था शासन की एक ऐसी प्रणाली है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। हमें कभी भी अपने मताधिकार का प्रयोग बगैर किसी मोह-लोभ के सही मुद्दों और विकास कार्यों के लिए करना चाहिए।

लपंगा मुखिया आनंद दुबे ने कहा कि पंचायत का विकास ग्राम पंचायत की कार्यकुशलता पर निर्भर करता है। इनकी अनुशंसा पर ही पंचायतों में विकास कार्य होते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की अनुशंसा एक प्रकार से ग्रामीणों की पुकार होती है। प्रतिनिधियों को जनता के आमने-सामने होकर जवाब भी देना पड़ता है।
इमली गाछ की मुखिया चंद्रावती ठाकुर ने कहा कि अधिकांश कार्यों के निर्णय से पहले ग्राम पंचायत की सहमति लेनी पड़ती है। सुशासन, हरियाली, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आजीविका, पानी, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा, संरचनात्मक ढांचे के विकास आदि का कार्य पंचायतों के जिम्मे आता है।

स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि यदि हम अच्छा प्रतिनिधि चुनने में चूक कर जाते हैं, तो गांव टोले का विकास प्रभावित होने लगता है। सरकारी राशि का भी दुरुपयोग शुरू हो जाता है। यहां तक कि सामान्य जनता के प्रति उनका व्यवहार भी बदल जाता है। इसलिए अपने मताधिकार की ताकत से हमेशा अच्छा प्रतिनिधि चुनें।

इस अवसर पर बच्चों ने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे, जिसका अतिथियों ने जवाब दिया। विद्यालय की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मंच संचालन साधना सिन्हा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य विवेक प्रधान ने किया। मौके पर जानकी ठाकुर, मुख़्तार सिंह, एच के सिंह सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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