रांची : पूर्व मुख्यमंंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन अब सक्रिय रूप से सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगी। कल्पना सोरेन सोमवार को गिरिडीह में पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करती नजर आएंगी। वहीं गिरिडीह के बाद 10 मार्च को कल्पना सोरेन बरहेट का भी दौरा करेंगीं। कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर खुद पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
कल्पना सोरेन ने रविवार को अपने पोस्ट में लिखा- आज अपने जन्मदिन और सोमवार को गिरिडीह में झामुमो के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले आज झारखंड राज्य के निर्माता और झामुमो के अध्यक्ष बाबा दिशोम गुरुजी और मां से आशीर्वाद लिया। आज ही सुबह हेमन्त जी से भी मुलाकात की। मेरे पिता भारतीय सेना में थे। वह सेना से रिटायर हो चुके हैं। पिताजी ने सेना में रहकर देश के दुश्मनों का डटकर सामना किया। बचपन से ही उन्होंने मुझमें बिना डरे सच के लिए संघर्ष करना और लड़ना भी सिखाया। झारखंड वासियों और झामुमो परिवार के असंख्य कर्मठ कार्यकर्ताओं की मांग पर सोमवार से मैं सार्वजनिक जीवन की शुरुआत कर रही हूं।
जब तक हेमन्त जी हम सभी के बीच नहीं आ जाते तब तक मैं उनकी आवाज बनकर आप सभी के बीच उनके विचारों को आपसे साझा करती रहूंगी, आपकी सेवा करती रहूंगी। विश्वास है, जैसा स्नेह और आशीर्वाद आपने अपने बेटे और भाई हेमन्त जी को दिया है, वैसा ही स्नेह और आशीर्वाद, मुझे यानी हेमन्त जी की जीवन संगिनी को भी देंगे। जय जोहार! जय झारखण्ड! हेमन्त है तो हिम्मत है! #झारखंड_झुकेगा_नहीं।
इससे पहले कल्पना सोरेन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर ससुर शिबू सोरेन और सास रूपी सोरेन से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। वहीं कल्पना सोरेन ने जेल में जाकर पति हेमंत सोरेन से भी मुलाक़ात की है। अब ऐसे में यह माना जा रहा है कि कल्पना सोरेन अब सक्रिय रूप से झारखंड की राजनीति में अपनी भूमिका निभाएंगी।
हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं हैं और मूल रूप से ओडिशा के मयूरभंज जिले की रहने वाली हैं। हालांकि वह काफी पढ़ी लिखी हैं। कल्पना की शादी 7 फरवरी 2006 को हेमंत सोरेन से हुई थी। 1976 में रांची में जन्मी कल्पना ने इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई की है।
