रांची : राजधानी रांची के एक निजी होटल के सभागार में कुरमाली भाषा की दशा और दिशा विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया इस परिचर्चा में कुरमाली भाषा से जुड़े जानकार एवं शिक्षाविद हिस्सा लिया साथ ही इस भाषा से जुड़े वर्ग के लोग भी उपस्थित रहे इस परिचर्चा में मुख्य रूप से कुरमाली भाषा की शुद्ध रूप लेखन और बोलचाल में इस भाषा से जुड़े लोगों के बीच किस प्रकार से आये इस विषय में विशेष रूप से विचार विमर्श किया गया
राजाराम महतो : परिचर्चा में शामिल कुरमाली भाषा के जानकार शिक्षाविद ने बताया कि कुरमाली भाषा के विशुद्ध रूप को सर्व सुलभता के साथ चलन में लाया जाए इसी अपील को लेकर इस परिचर्चा में विचार विमर्श किया जा रहा है.
ज्ञानेश्वर सिंह ; वही परिचर्चा आयोजन के आयोजन अध्यक्ष का कहना है की वर्तमान समय में कुरमाली भाषा के उच्चारण से संबंधित कुछ विवाद चल रहा है और कुछ सामाजिक संगठन मुद्दा बनाकर भाषा का नामांकन बदलने का प्रयास कर रहे हैं जो कुरमाली भाषा के विकास में अवरोध डाल रहा है
