नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि जनजातीय समुदाय की जीवनशैली ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक समस्या का समाधान प्रदान करती है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘आदि महोत्सव’ का उद्घाटन करने के बाद कहा जनजातीय समुदायों से प्रकृति के साथ सद्भाव से रहना सीखने की जरूरत पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने का प्रयास कर रहा है, तब जनजातीय समुदाय की जीवनशैली और भी अनुकरणीय हो जाती है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ ने धरती मां और प्रकृति को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
अंधाधुंध विकास की होड़ में एक ऐसा वातावरण बना दिया गया, जिसमें यह सोच उत्पन्न हुई कि बिना प्रकृति को नुकसान पहुंचाए प्रगति संभव ही नहीं है। हालांकि सच्चाई इसके विपरीत है। दुनिया भर में जनजातीय समुदाय सदियों से प्रकृति के साथ सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में रह रहे हैं। हमारे जनजातीय भाई-बहन अपने जीवन के हर पहलू में आसपास के परिवेश, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं का ध्यान रखते रहे हैं। हमें उनकी जीवनशैली से प्रेरणा लेनी चाहिए।
