लातेहार/मनिका: लातेहार जिला के मनिका प्रखंड के पल्हेया पंचायत में अबुआ आवास चयन में पंचायत सचिव राजेश रजक पर जमकर धांधली करने का आरोप लगा है। आरोप के अनुसार पंचायत सचिव द्वारा कई योग्य और गरीबों का नाम अंबुआ आवास की सूची से हटा दिया गया है पंचायत के ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लातेहार उपयुक्त हिमांशु मोहन से लिखित शिकायत कर और पंचायत सेवक के उपर जांच कर कारवाई की मांग की है
पल्हेया पंचायत के ग्रामीण जगन्नाथ उरांव राजदेव उरांव ने बताया कि दिनांक 04 /01 /2024 को पंचायत में एक ग्राम सभा हुआ था जो अब वह आवास योजना योग लाभुकों का चयन किया गया था इसमें पंचायत सेवक ग्राम सभा की कॉपी अपने पास रखे हुए थे कुछ दिन के बाद जब हम सभी ग्रामीण जनता रजिस्टर देखें तो ग्राम सभा का पेज को फाड़ कर फेक दिया गया.
पंचायत के ग्रामीणों ने कहा कि अंतिम सूची में कई ग़रीब महिला जो कचे मकानों मे रहने को मजबूर है और गरीबों का नाम नहीं है। पंचायत सचिव ने धांधली कर गरीब तो गरीब विधवा महिला का भी नाम काट दिया है। जो योग्य लाभूक हैं, लेकिन अबुआ आवास में नाम कट गया। वैसे योग्य गरीबों का नाम पुनः जोड़ने के लिए बीते कुछ दिन पहले मुखिया पंचायत सेवक निवेदन किया गया फिर भी गरीबों का नाम नहीं जुड़ पाया।
ग्रामीणों ने बताया कि अबुआ आवास की सूची से हटाए गए ग्रामीण ग्राम सभा में पहुंचे तो उन्हें समझा बुझाकर घर भेज दिया गया। ग्राम सभा से केवल खानापूर्ति के नाम पर ग्रामीणों का ठप्पा लगवाया जा रहा है। कहा कि एक तरफ पंचायत सचिव द्वारा अभी आवेदन की जांच की जा रही है और दुसरी ओर ग्राम सभा करा लिया गया है।
बताया जाता है कि अबुआ आवास के चयन में प्रखंड कार्यालय और पंचायत सचिव की ही मुख्य भुमिका है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को भी ग्रामीणों से दो चार होना पड़ रहा है। अबुआ आवास सूचि से हटाए गए योग्य गरीबों, महिलाओ में असमंजस की स्थिति है कि उनके नाम जुड़ेंगे कि नहीं। यह अधर में है। ऐसे में अबुआ आवास की सूचि से बाहर किए गए योग्य गरीब करे तो क्या करे। आवास के लिए नाम जोड़ने को लेकर गरीब ग्रामीण अब भी प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
क्या कहते है पंचायत सेवक इस संबंध में जब पंचायत सेवक राजेश रजक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह सब आरोप बेबुनियाद है गलत बात है
