मनिका : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण कराने वाली महिलाओं के सुविधा में भारी लापरवाही रात भर नीचे सोकर रात बिताने को मजबूर खाने के लिए भोजन भी नहीं,30 से 40 महिलाओं का एक ही स्टाफ के द्वारा किया गया देखभाल भगवान भरोसे रही महिलाएं। वहीं महिलाओं ने कहा कि बंध्याकरण के बाद उन्हें भोजन व सोने की सुविधा नहीं मिल पाया महिलाओं को रात भर नीचे सोकर गुजरना पड़ा बेड की सुविधा भी नहीं दी गई। ग्रामीण विकास कुमार प्रसाद ने बताया कि पूर्व में बंध्याकरण करवाने वाले महिलाओं को भोजन में खिचड़ी,अंडा और सोने के लिए बेड दी जा रही थी लेकिन अभी जो एनजीओ के माध्यम से लगभग 30 से 40 महिलाओं का बंध्याकरण किया गया उन्हें कोई सुविधा नहीं दी गई एनजीओ का एक ही स्टाफ सभी को इंजेक्शन दे रहा था और वह भी सुबह होते ही चला गया और महिलाओं के देखभाल के लिए डॉक्टर की भी कमी रही। उन्होंने कहा कि अगर अचानक कोई महिला बेहोश होने लगे तो अभी इनका इलाज करने वाला कोई भी मौजूद नहीं है सभी महिलाएं भगवान भरोसे है। वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी दिव्य क्षितिज कुजूर ने कहा कि मैं अभी छुट्टी पर हूं और हॉस्पिटल का कार्य डॉक्टर उमेश कुमार के देखरेख में किया जा रहा है अगर बंध्याकरण के दौरान महिलाओं को परेशानी हुई है तो उसकी जांच कर निश्चित रूप से सुधार किया जाएगा। मौके पर मैना देवी,ममता देवी,कालो देवी,कविता देवी,सविता देवी,कलावती देवी,फूलमती देवी,समेत कई लोग उपस्थित थे।