गुमला : बिशुनपुर प्रखंड के झारखंड आंदोलनकारी जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले संघ के केंद्रीय संयोजिका रोजलीन तिर्की के नेतृत्व में शनिवार को बनारी चेक नाका के समीप शनिवार की सुबह सड़क पर उतरकर बॉक्साइट ट्रक एवं अन्य मालवाहक वाहनों को रोक दिया। साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
इधर, रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड सरकार आंदोलनकारी की जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करते हुए बॉक्साइट उत्खनन से सरकार को प्राप्त हो रहे हैं 26 परसेंट रॉयल्टी की राशि को हम आंदोलन कार्यों को देना सुनिश्चित करें । क्योंकि हम लोगों ने झारखंड स्थापना के लिए खूब लड़ाइयां लड़ी एवं संघर्ष किया । इस लड़ाई में हम लोगों के पति भाई बहन आदि लोगों ने अपना प्राण तक न्योछावर कर दिया तब जाकर हमें झारखंड मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार हम लोगों को सिर्फ आश्वासन देकर संतुष्ट करने का काम कर रही है । परंतु अब हम लोग अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस निमित पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत आज प्रखंड के तमाम आंदोलनकारी दो दिवसीय भारत में बुलाई गई आर्थिक नाकेबंदी का समर्थन कर रहे हैं।
सरकार हम लोगों की मांगे पूरा नहीं करती है तो पुनः हम लोग केंद्रीय कमेटी के निर्णय के अनुरूप आगे की रणनीति तय करेंगे। इस मौके पर स्टीफन किंडो, सुषमा कुजूर, जगदीश लकड़ा, प्रभा मिंज, सुधीर तिग्गा, किशोर गिद्ध सहित अन्य आंदोलनकारी सड़क पर डटे हुए थे।
बनारी में गाड़ी रोके जाने की सूचना पर बिशुनपुर थाना प्रभारी कुंदन कुमार मौके पर पहुंच कर आंदोलनकारियों को गाड़ियों को नहीं रोकते हुए अपनी मांगे रखने की बात कही। परंतु आंदोलनकारियों ने उनकी एक न सुनी और खुद को गिरफ्तार कर थाना ले जाने की मांग करते रहे। इस बंद से प्रभावित बॉक्साइट ट्रक अन्य मालवाहकों की सड़क के दोनों ओर लंबी कतार लगी रही। हालांकि देर शाम कुछ बॉक्साइट ट्रक अन्य रास्ते का इस्तेमाल करते हुए सड़क से गुजरते देखें गए।
