Tuesday, March 3, 2026
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बोकारो केंद्रीय विद्यालय में ‘युवा संसद’ प्रतियोगिता का आयोजन

बोकारो : स्कूली विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और युवाओं को लोक तांत्रिक पद्धति से परिचित कराने के लिए ‘युवा संसद’ प्रतियोगिता का आयोजन केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक बोकारो के सभागार में किया जा रहा है। युवा सांसद भारतीय संसदीय प्रणाली पर आधारित विधायिका और कार्यपालिका की संसदीय कार्यवाही का अनुकरण है। इसकी स्थापना सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों की गतिविधियों को बढ़ावा देने और सामाजिक या राजनीतिक परिवर्तनों की वकालत करने के लिए की गई है।6 नवंबर को उद्घाटन सत्र में इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंद्रशेखर दुबे निवर्तमान सांसद धनबाद ने अपनी महनीय उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित किया। अन्य विशिष्ट अतिथियों में केंद्रीय विद्यालय संगठन रांची संभाग की सहायक आयुक्त सुजाता मिश्रा तथा केंद्रीय विद्यालय गोमो के प्राचार्य विभूति भूषण पाण्डेय की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामंडित किया। माननीय निवर्तमान सांसद चंद्रशेखर दुबे ने दीप प्रज्वलन कर इस कार्यक्रम के विधिवत उद्घाटन की घोषणा की। उद्घाटन कार्यक्रम में उनके साथ केंद्रीय विद्यालय संगठन रांची संभाग के सहायक आयुक्त सुजाता मिश्रा तथा केंद्रीय विद्यालय गोमो के प्राचार्य से विभूतिभूषण पाण्डेय भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि युवा संसद के कार्यक्रम की समीक्षा ऐसे व्यक्ति से की जानी है जिन्होंने संसदीय प्रक्रिया को करीब से देखा हो। इस क्षेत्र में भूतपूर्व सांसद  चंद्रशेखर दुबे ने छात्रों को अपना बहुमूल्य समय देकर के.वि क्रमांक एक बोकारो को कृतार्थ किया |

अपने उद्घाटन भाषण में निवर्तमान सांसद महोदय चंद्रशेखर दुबे ने कहा कि नेता बनना और संसदीय प्रक्रिया को समझना दो भिन्न चीज होती है। नेता बनना एक आकर्षक की वस्तु हो सकती है परंतु संसदीय प्रक्रिया का पालन करते हुए कानून बनाने की प्रक्रिया का अनुपालन करना एक क्लिष्ट प्रक्रिया है। समय की मांग है कि युवाओं को इसके लिए तैयार रहने के लिए समाज शिक्षित करे।

केंद्रीय विद्यालय संगठन की सहायक आयुक्त सुजाता मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन छात्रों के समग्र विकास के लिए सतत समर्पित है। ऐसे में युवाओं को संसदीय प्रक्रिया से अवगत कराना भी केंद्रीय विद्यालय की एक नैतिक जिम्मेदारी में आता है। युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन करना केंद्रीय विद्यालय संगठन की पाठ्य सहगामी क्रिया का एक हिस्सा ही है। केंद्रीय विद्यालय गोमो के प्राचार्य श्री विभूतिभूषण पाण्डेय ने आगे कहा कि हमारा संगठन विद्यालय में बच्चों के समग्र विकास पर सतत केंद्रित है तथा बाल केंद्रित शिक्षा का यह एक अहम हिस्सा है। इसी प्रक्रिया में छात्र संसद प्रतियोगिता का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक बोकारो के प्राचार्य श्री मनोज कुमार ने कहा पांच विद्यालयों के 300 से अधिक प्रतिभागी एवं अनुरक्षक इस विद्यालय में दो दिवसीय आवासीय कार्यक्रम में उपस्थित हैं। ऐसे में समस्त कार्यक्रम की निर्विघ्न समाप्ति एवं आवास तथा भोजन की स्तरीय व्यवस्था कराना भी जिम्मेदारी का एक अहम हिस्सा है। इसके अतिरिक्त विद्यालय के बच्चों को युवा संसद कार्यक्रम में  भाग लेने के लिए प्रेरित करना तथा एक आदर्श युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन करना भले ही चुनौतीपूर्ण हो परंतु उन्हें चुनौतियां अच्छी लगती हैं।

  केंद्रीय विद्यालय संगठन रांची के संभाग के दिशा निर्देश में यह प्रतियोगिता 6 नवंबर से 7 नवंबर तक आयोजित हो रही है।प्रथम चरण में युवा संसद प्रतियोगिता विद्यालय स्तर पर आयोजित हो रही है,जिसमें छह केंद्रीय विद्यालयों की टीमें शामिल हैं। इन छह विद्यालयों में केंद्रीय विद्यालय हिनू (प्रथम पाली), केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरू, केंद्रीय विद्यालय पतरातु, केंद्रीय विद्यालय एच.इ.सी रांची, केंद्रीय विद्यालय जामताड़ा और केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 बोकारो की टीमें शामिल हैं। विद्यालय स्तर पर विजेता टीम को आंचलिक स्तर पर भागीदारी करने का अवसर मिलेगा । पुनः आंचलिक स्तर पर शीर्ष में रहने वाली टीम राष्ट्रीय फलक पर अपना प्रदर्शन करेंगी। इस तरह से सर्वश्रेष्ठ आने वाली टीम को तथा उपविजेता टीम को प्रशस्ति पत्र तथा पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।

 युवा संसद की बैठक अवधि 55 मिनट की होगी। इसमें प्रश्नकाल के 20 मिनट, शेष 30 मिनट – शपथ ग्रहण, मृत्यु का उल्लेख, नए मंत्री का सदन में परिचय, विशेषाधिकार हनन, राज्यसभा से संदेश, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधेयक-संकल्प-प्रस्ताव पर चर्चा शामिल है। स्थगन प्रस्ताव, मत विभाजन एवं पारित करने आदि प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया जायेगा। भाग लेने वाले छात्र अपनी इच्छानुसार हिंदी या अंग्रेजी का उपयोग कर सकते हैं। शपथ लेने के लिए भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित भाषाओं में से किसी एक भाषा का उपयोग किया जा सकता है। वक्ता की भूमिका निभाने वाले छात्र को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए।

3 सदस्यीय निर्णय लेने वाली समिति 100 अंकों पर निर्णयों का मूल्यांकन करेगी। इसमें अनुशासन और मर्यादा पर 10 अंक, संसदीय प्रक्रियाओं का पालन करने पर 20 अंक, विषय चयन और प्रश्नों और पूरक प्रश्नों के उत्तर की गुणवत्ता पर 20 अंक, वाद-विवाद विषयों के चयन, भाषा और वाद-विवाद की गुणवत्ता पर 10 अंक दिए जाते हैं। मूल्यांकन स्तर के लिए 30 अंक और समग्र प्रदर्शन के सामान्य मूल्यांकन के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को सामूहिक ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ वक्ता, मंत्री की भूमिका, सर्वश्रेष्ठ प्रश्नकर्ता, पक्ष और विपक्ष के वक्ता को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र दिया जाएगा. शेष सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र दिये जायेंगे।

निर्णायक मंडली के चंद्रशेखर दुबे भूतपूर्व सांसद, सुजाता मिश्रा सहायक आयुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन, रांची संभाग, एवं विभूतिभूषण पाण्डेय ने कार्यक्रम का आद्योपांत निरीक्षण किया। प्रत्येक टीम के द्वारा की जाने वाली संसदीय प्रक्रिया की बारीकियों पर पैनी नजर रखी तथा प्रदर्शन के अनुरूप उनका मूल्यांकन भी किया। समाचार लिखे जाने तक विभिन्न टीमों द्वारा की जाने वाली संसदीय गतिविधि की प्रक्रिया और युवा संसद कार्यक्रम चल ही रहा था।

अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों में विद्यालय के उपप्राचार्य संजय प्रसाद, विद्यालय के मुख्य अध्यापक किशन चातर, छात्र अध्यापक मंच के कौशल राय आदि की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।

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